ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकार ने एक नया कानून पारित किया है, जिसके तहत 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) और रेडिट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग नहीं कर सकेंगे। यह कानून 10 दिसंबर 2025 से लागू होगा। कंपनियों को नाबालिग खातों को हटाने और आयु सत्यापन प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया गया है।
विवाद जारी लेकिन फैसला पक्का
इस प्रतिबंध को लेकर ऑस्ट्रेलिया में बहस छिड़ी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया बच्चों को अभिव्यक्ति, पहचान और जुड़ाव का मंच देता है, वहीं दूसरी ओर लत और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर की चिंताएं भी गंभीर हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
माता-पिता के लिए विशेषज्ञों के सुझाव
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को पांच प्रमुख सुझाव दिए हैं ताकि बच्चे इस बदलाव को आसानी से स्वीकार कर सकें:
पहले से तैयारी करें – अचानक दूरी झटका हो सकती है, इसलिए बच्चों को धीरे-धीरे समझाएं।
धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करें – हर सप्ताह 25% समय घटाएं और एक महीने में पूरी तरह बंद करें।
विकल्प दें – खेल, कला, संगीत, हस्तशिल्प जैसी गतिविधियां शामिल करें।
ऑफलाइन जुड़ाव बढ़ाएं – सामुदायिक गतिविधियों और समूहों से जोड़ें।
स्वयं उदाहरण बनें – माता-पिता भी स्क्रीन टाइम कम करें और ऑफलाइन गतिविधियों में शामिल हों।
नया दौर, नई चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिबंध बच्चों के लिए डिजिटल और असली जीवन में संतुलन बनाने का अवसर हो सकता है। हालांकि, इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। समय से की गई तैयारी बच्चों को इस बदलाव को सहजता से अपनाने में मदद कर सकती है।
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