उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया था कि इनामी अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसी दिशा में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गैंगस्टरों पर शिकंजा कसना शुरू किया।
वाल्मीकि गैंग पर बड़ा मुकदमा दर्ज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF, नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गोपनीय सूचना और जांच के बाद 27 अगस्त 2025 को प्रवीण वाल्मीकि गैंग पर गंगनहर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें प्रवीण वाल्मीकि, उसका भतीजा मनीष बॉलर और पंकज अष्टवाल समेत छह लोगों के नाम शामिल हैं।
गैंग की संपत्ति हड़पने की साजिश
जांच में सामने आया कि गैंग ने 2014 में मृतक श्याम बिहारी की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की साजिश रची। 2018 में उनके भाई कृष्ण गोपाल की हत्या कर दी गई। बाद में पीड़िता रेखा और उसके परिवार को धमकाकर फर्जी दस्तावेज़ बनवाए गए और संपत्ति बेची गई।
दो पुलिसकर्मी भी निकले शामिल
STF की विवेचना में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। कांस्टेबल शेर सिंह (हरिद्वार) और हसन अब्बास जैदी (मेरठ) का वाल्मीकि गैंग से गहरा संबंध पाया गया। दोनों की कॉल डिटेल और जेल मुलाकातों से कनेक्शन साबित हुआ। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने गैंग के इशारे पर पीड़ित परिवार को डराकर संपत्ति बेचने का दबाव बनाया।
गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी
STF ने दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रुड़की कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इससे पहले गैंग के सदस्य मनीष बॉलर, पंकज अष्टवाल और फर्जी रेखा बनी महिला निर्देश को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
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