समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आज़म खान लगभग दो साल जेल में रहने के बाद मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही खान ने अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और एएनआई से कहा, “सभी का धन्यवाद। मेरा समर्थन करने वाले सभी लोगों को मेरा आशीर्वाद।”
आजम खान को क्वालिटी बार भूमि अतिक्रमण मामले में जेल में रखा गया था। इस साल मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से ज़मानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया
खान ने बसपा में शामिल होने की अफवाहों पर स्पष्ट किया कि यह केवल अटकलें हैं। उन्होंने कहा, “मैं जेल में किसी से नहीं मिला। मुझे फ़ोन करने की इजाज़त नहीं थी, इसलिए मैं पिछले पांच साल से पूरी तरह से संपर्क से बाहर हूँ।”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज़म खान की रिहाई की सराहना करते हुए कहा कि अगर सपा उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटती है, तो उनके खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामले वापस लिए जाएंगे।
सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव का हमला
आजम खान की अगवानी के लिए पहुंचे सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सहयोगी और पूर्व लोकसभा सांसद आजम खान को झूठे मामलों में फंसाया गया था।
जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे यादव ने पत्रकारों से कहा, “आजम खान को झूठे मामलों में फंसाया गया था। अदालत ने उन्हें ज़मानत दी और मामलों में राहत प्रदान की। समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है।”
इलाहाबाद उच्च न्यायालय का ज़मानत फैसला
इससे पहले, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पूर्व मंत्री मोहम्मद आज़म खान को क्वालिटी बार भूमि मामले में ज़मानत दी थी। उनके वकील मोहम्मद खालिद ने एएनआई को बताया कि इस ज़मानत के बाद उन पर कोई लंबित मामला नहीं बचा है, जिससे उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित हुई।
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