देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत एसटीएफ ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर की देखरेख में एसटीएफ कुमायूँ यूनिट और थाना किच्छा पुलिस की संयुक्त टीम ने दो अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों के नाम सलीम और शेर मोहम्मद हैं, जो उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के निवासी हैं। दोनों के कब्जे से 3.008 किलोग्राम अफीम बरामद की गई है।
मुख्यमंत्री के ड्रग्स फ्री मिशन के तहत सख्त कार्रवाई
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत राज्य में नशे के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ टीम ने उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर जाल बिछाकर दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया। टीम को पहले से सूचना मिली थी कि ये आरोपी अफीम की बड़ी खेप लेकर किच्छा, रुद्रपुर और सितारगंज क्षेत्रों में सप्लाई करने वाले हैं।
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, कई और नामों की तलाश
पकड़े गए आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय हैं। सलीम के खिलाफ वर्ष 2015 में बरेली के बहेड़ी थाने में 40 लाख रुपये की डकैती का मुकदमा दर्ज है। पूछताछ में उसने बताया कि वह पुराने मुकदमों में खर्च होने वाले पैसों के लिए नशे की तस्करी करता है। एसटीएफ को पूछताछ में अन्य ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई नामों की जानकारी भी मिली है, जिन पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नशे का कारोबार बना अपराध का स्रोत
एसएसपी भुल्लर ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अपराध जगत के लिए बड़ी आर्थिक ताकत बन चुकी है। यह न सिर्फ युवाओं को नशे की लत में धकेल रही है बल्कि हथियारों की तस्करी, आतंकवादी गतिविधियों और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को भी बढ़ावा दे रही है। एसटीएफ का लक्ष्य छोटे पैडलरों की बजाय बड़े तस्कर गिरोहों को पकड़ना है ताकि इस जहर की जड़ को खत्म किया जा सके।
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