ईरान में 28 दिसंबर से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों ने अब गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) के मुताबिक, अब तक 2,571 लोगों की मौत हो चुकी है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का दावा है कि इनमें से अधिकतर मौतें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई हैं।
इंटरनेट बंद, देश-दुनिया से कटा ईरान
विरोध तेज होने के बाद ईरानी सरकार ने इंटरनेट और SMS सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी हैं। हालांकि, कुछ पाबंदियों में ढील के बाद नागरिक कई दिनों बाद विदेश कॉल कर पाए, लेकिन डिजिटल ब्लैकआउट अब भी जारी है। इससे हालात की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल बना हुआ है।
ट्रंप का बड़ा बयान: ‘प्रदर्शन जारी रखें’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरानियों से विरोध जारी रखने की अपील की। उन्होंने लिखा कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को भारी कीमत चुकानी होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं और “मदद रास्ते में है।”
फांसी पर चेतावनी, कड़ी कार्रवाई के संकेत
CBS News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका पर सैन्य हस्तक्षेप का बहाना तलाशने का आरोप लगाया है।
ईरान का पलटवार, अमेरिका-इजरायल पर आरोप
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर कहा कि देश में हो रही हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं। ईरानी सरकार का दावा है कि सशस्त्र और आतंकवादी समूह हालात बिगाड़ रहे हैं।
यूरोप और UN का सख्त रुख
फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड सहित कई यूरोपीय देशों ने ईरानी राजदूतों को तलब किया है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने नए प्रतिबंध लगाए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान से तुरंत हिंसा रोकने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
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