जैसलमेर: दिल्ली से जैसलमेर जा रही स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस (12468) में रविवार सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 9 बजे जेठा और चांधन रेलवे स्टेशनों के बीच जंगल क्षेत्र में ट्रेन के एक कोच के पहियों से धुआं उठता दिखाई दिया। धुआं देखते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कोच में बैठे लोग घबराकर बाहर की ओर भागने लगे।
लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन को ट्रैक पर रोक दिया। अगर समय रहते ट्रेन नहीं रोकी जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं लगातार बढ़ रहा था, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई।
20 मिनट तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे का तकनीकी स्टाफ और गार्ड मौके पर पहुंचे। अग्निशमन यंत्रों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। करीब 20 मिनट तक ट्रेन ट्रैक पर खड़ी रही। प्राथमिक जांच के बाद ट्रेन को जैसलमेर के लिए रवाना कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
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