खबर संसार हल्द्वानी..नैनीताल पुलिस की पैरवी के चलते बनभूलपुरा प्रकरण में आरोपियों की ज़मानत रद्द!जी हा एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने खबर संसार को बताया कि पुलिस कि पूरी टीम के साथ PHQ का सपोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट में अच्छे वकीलों के साथ पैरवी की और सफलता मिली, उन्होंने कहाँ मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों पर पेट्रोल बम और अन्य हथियारों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जांच प्रक्रिया पर टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित था और उसने जांच एजेंसी द्वारा बयान दर्ज करने के संबंध में तथ्यात्मक रूप से गलत टिप्पणियां की थीं। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि मामले की गंभीरता, बड़ी संख्या में आरोपियों और गवाहों के बावजूद जांच एजेंसी ने अत्यंत तेजी और दक्षता के साथ जांच को आगे बढ़ाया।
नैनीताल पुलिस की पैरवी के चलते बनभूलपुरा प्रकरण में आरोपियों की ज़मानत रद्द!
न्यायालय ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट इस महत्वपूर्ण तथ्य पर ध्यान देने में विफल रहा कि आरोपियों ने समय विस्तार और जमानत खारिज किए जाने के आदेशों को समय रहते चुनौती नहीं दी, बल्कि अपील दायर करने से पहले लगभग दो महीने तक प्रतीक्षा की। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस प्रकार आरोपियों ने अपने आचरण के कारण डिफॉल्ट जमानत मांगने का अधिकार खो दिया था और हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत के आदेश को निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो ट्रायल कोर्ट को उन्हें हिरासत में लेने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर ली गई।राज्य अभियोजन विभाग इसे राज्य के लिए एक बड़ी कानूनी जीत मान रहा है, क्योंकि यह ऐसा मामला था जिसमें राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली मशीनरी स्वयं हिंसक भीड़ के निशाने पर थी, जो राज्य के अतिक्रमण विरोधी अभियान का विरोध कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा त्वरित जांच की सराहना किए जाने से पूरे राज्य पुलिस विभाग का मनोबल भी बढ़ा है।



