पश्चिम बंगाल की राजनीति में फाल्टा विधानसभा सीट को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से ठीक पहले चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए अपना नाम वापस ले लिया है। 21 मई को इस सीट पर दोबारा मतदान होना है, लेकिन उससे पहले उनके इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
‘पुष्पा’ डायलॉग से चर्चा में आए थे जहांगीर खान
जहांगीर खान चुनाव प्रचार के दौरान अपने अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने फिल्म ‘पुष्पा’ का मशहूर डायलॉग “पुष्पा झुकेगा नहीं साला” बोलकर काफी चर्चा बटोरी थी। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। हालांकि, मतदान से महज दो दिन पहले उनके चुनावी मैदान छोड़ने के फैसले ने सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर अब लोग उनके पुराने बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद बढ़ा सियासी विवाद
जहांगीर खान के फैसले को लेकर राज्य की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कदम शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद उठाया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि “पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी।
कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचे थे जहांगीर खान
जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान ने 18 मई 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बंगाल पुलिस की ओर से किसी भी दमनात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि बिना पूरी जानकारी दिए लगातार एफआईआर दर्ज करना गलत है और सभी मामलों का खुलासा किया जाना चाहिए।
फाल्टा सीट पर क्यों हो रहा है दोबारा मतदान?
फाल्टा विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई बूथों से धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप था कि बीजेपी उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न के सामने मौजूद ईवीएम बटन पर सफेद टेप लगाया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने इलाके का दौरा कर जांच की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद निर्वाचन आयोग ने पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। अब इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा, जबकि नतीजों की घोषणा 24 मई को की जाएगी।
इसे भी पढ़े-महाराष्ट्र संकट पर बड़ा फैसला, अब 5 जजों की संविधान पीठ करेगी सुनवाई
हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए


