BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा मामलों के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। इसमें BRICS समूह के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
अजीत डोभाल ने वैश्विक हालात पर जताई चिंता
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने कहा कि दुनिया इस समय बेहद उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है। कई देशों में सैन्य संघर्ष और जटिल सुरक्षा चुनौतियां सामने हैं। इसके साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, आर्थिक तनाव और तेजी से विकसित हो रही नई तकनीकें वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा मामलों के उच्च पदस्थ अधिकारियों की 16वीं बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया।
बहुपक्षवाद कमजोर, संस्थागत तंत्र पर सवाल
अजीत डोभाल ने कहा कि केवल खतरे ही नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि उन्हें कम करने और समाधान निकालने के लिए उपलब्ध संस्थागत तंत्र भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बहुपक्षवाद (Multilateralism) कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
BRICS की भूमिका क्यों है अहम?
उन्होंने कहा कि BRICS की स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं के एक ऐसे समूह के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य अधिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना था। इसके अलावा BRICS वैश्विक शासन व्यवस्था और संस्थागत सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम करता है। डोभाल ने कहा कि यह समूह शांति, प्रगति, विकास और सहयोग के सिद्धांतों में विश्वास रखता है और समय के साथ लगातार मजबूत हो रहा है।
BRICS की वैश्विक ताकत
BRICS समूह की वैश्विक स्तर पर मजबूत मौजूदगी है। इसके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- BRICS देशों की कुल आबादी लगभग 4.1 अरब है।
- यह दुनिया की करीब 49% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
- वैश्विक संपत्ति निर्माण में इसका योगदान लगभग 31 से 32 ट्रिलियन डॉलर है।
- वैश्विक GDP में इसकी हिस्सेदारी 30% से अधिक है।
- BRICS देशों का कुल भूभाग 42 मिलियन वर्ग किलोमीटर से ज्यादा है।
- यह पृथ्वी के कुल भूभाग का लगभग 28% हिस्सा कवर करता है।
सहयोग और विकास पर BRICS का जोर
अजीत डोभाल ने कहा कि BRICS केवल एक आर्थिक या राजनीतिक समूह नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जो सदस्य देशों के बीच सहयोग, विकास और शांति को बढ़ावा देने का काम करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में BRICS की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
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