मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार को एक बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस की सतर्कता और महिला वॉलेंटियर्स की सूझबूझ से उस व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जो भीड़ में कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांट रहा था। आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जहरीले कैप्सूल खाने के बाद 11 लोगों की बिगड़ी तबीयत
पुलिस के मुताबिक आरोपी जुलूस में शामिल लोगों को पेनकिलर और इम्युनिटी बूस्टर बताकर कैप्सूल दे रहा था। इन कैप्सूल्स को खाने के बाद करीब 11 लोगों की अचानक तबीयत खराब हो गई। सभी पीड़ितों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है। बीमार पड़े लोगों में शामिल सलमान सैयद ने बताया कि कैप्सूल लेने के कुछ देर बाद ही पेट में तेज दर्द और उल्टी शुरू हो गई थी।
जांच में सामने आया खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि कैप्सूल्स में जिंक फॉस्फाइड नाम का जहरीला केमिकल मिलाया गया था। इस केमिकल का इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने वाले जहर में किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार यह पदार्थ इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसका मकसद जुलूस में शामिल बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचाना था। कोर्ट ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने 14,900 कैप्सूल किए जब्त
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जयंत मीणा ने बताया कि आरोपी के पास दवाइयां बांटने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 14,900 संदिग्ध कैप्सूल बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले ही बड़ी संख्या में लोगों को ये कैप्सूल बांट चुका था। पुलिस को जानकारी मिली है कि उसने 30 हजार खाली कैप्सूल और करीब 50 किलो फॉस्फोरस का ऑर्डर भी दिया था।
महिला वॉलेंटियर्स की सतर्कता से टली बड़ी त्रासदी
इस पूरे मामले में तीन महिला वॉलेंटियर्स की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। महिलाओं ने आरोपी को संदिग्ध तरीके से कैप्सूल बांटते देखा और तुरंत उससे पूछताछ शुरू की। आरोपी ने कैप्सूल को इम्युनिटी बूस्टर बताया, लेकिन शक होने पर महिलाओं ने एक कैप्सूल खोलकर देखा, जिसमें पाउडर जैसा पदार्थ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को कैप्सूल न खाने की चेतावनी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
आरोपी की विदेशी यात्रा और संभावित टेरर लिंक की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बीबीए ग्रेजुएट है और उसकी विदेश यात्रा का रिकॉर्ड भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि वह पहले ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है। भायखला पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 123 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में संभावित टेरर लिंक और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कितना खतरनाक है जिंक फॉस्फाइड?
विशेषज्ञों के अनुसार जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत जहरीला रसायन है। शरीर में पहुंचने के बाद यह पेट के एसिड के संपर्क में आकर फॉस्फीन गैस बनाता है, जो दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी और दिमाग पर गंभीर असर डाल सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस जहर का कोई निश्चित एंटीडोट उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना और लक्षणों के आधार पर इलाज देना ही सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
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