पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के सांसद कार्यालय पर शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अवैध निर्माण के आरोपों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
अमतला में बुलडोज़र पहुंचते ही शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
शनिवार को दक्षिण 24 परगना के अमतला-बारुईपुर रोड स्थित अमतला में प्रशासन की टीम बुलडोज़र के साथ मौके पर पहुंची और इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे पहले संबंधित भवन पर नोटिस चस्पा कर यह दावा किया गया था कि निर्माण आवश्यक मंजूरी के बिना किया गया है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई
ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय निवासी, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और अन्य लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए।
KMC ने 17 संपत्तियों को जारी किया था नोटिस
यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम (KMC) की ओर से जारी उन नोटिसों के बाद हुई, जो कुल 17 संपत्तियों के लिए जारी किए गए थे। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार ये संपत्तियां अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ से जुड़ी बताई गई हैं। नोटिस पाने वाली संपत्तियों में हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी का आवास ‘शांतिनिकेतन’ भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि कोलकाता नगर निगम का संचालन तृणमूल कांग्रेस के पास है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
कार्रवाई शुरू होने के बाद मौके पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जाहिर की और पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि अमतला इसी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।
भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर का आरोप
अमतला से भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी का पार्टी कार्यालय भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया था। उन्होंने जिला प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि संबंधित ढांचा अवैध रूप से निर्मित था और प्रशासन ने अंततः कानून के अनुरूप कदम उठाया है।
शिकायतों के बाद शुरू हुई वैधानिक प्रक्रिया
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार्यालय निर्माण में नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतें मिलने के बाद वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई थी। अधिकारी के अनुसार, 15 जुलाई को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कानून के निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है। कथित अनधिकृत निर्माण की शिकायतों के आधार पर नोटिस जारी किए गए थे और मामला फिलहाल विचाराधीन है। आगे की कार्रवाई सुनवाई पूरी होने और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जाएगी।
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