दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने और दुनिया में ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और कोई भी हमेशा ताकतवर नहीं रह सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, शी जिनपिंग ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रिक्स की बैठक की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि दुनिया में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं। ऐसे समय में विकासशील देशों की एकजुटता और बढ़ता प्रभाव दुनिया को बहुध्रुवीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
ताकत के दम पर नहीं चलेगी मनमानी
शी जिनपिंग ने मौजूदा वैश्विक माहौल को अस्थिर और जोखिमों व चुनौतियों से भरा बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को नेतृत्व संभालते हुए विकासशील देशों को एकजुट करना चाहिए और शांति-स्थिरता के लिए सकारात्मक ताकत के रूप में काम करना चाहिए।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों, समानता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया के नियम किसी एक ताकतवर देश के बजाय सभी देशों द्वारा मिलकर तय किए जाने चाहिए। विकासशील देशों को संप्रभुता के सम्मान, आंतरिक मामलों में दखल न देने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के साथ अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा करनी चाहिए।
लोगों के हित में विकास पर जोर
जिनपिंग ने बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका मजबूत करने की बात कही। उन्होंने WTO में सुधार, निष्पक्ष व्यापार नियमों और NDB के समर्थन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम में सुधार से विकासशील देशों की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए।
उन्होंने बताया कि चीन की ‘ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव’ के तहत 120 से अधिक देशों में 2,000 से ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे किए गए और 2 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दी गई। चीन ने 53 अफ्रीकी देशों के लिए जीरो टैरिफ ट्रेड की सुविधा दी है।
जलवायु और AI पर वैश्विक सहयोग
शी जिनपिंग ने पेरिस जलवायु समझौते को पूरी तरह लागू करने और सुरक्षा खतरों से मिलकर निपटने की बात कही। AI के विकास को मानव कल्याण और अच्छाई के लिए बताते हुए उन्होंने वैश्विक सहमति से नियम बनाने की जरूरत जताई, ताकि नई तकनीक का फायदा सभी देशों को समान रूप से मिल सके।
10 महत्वपूर्ण बातें
- दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 का आयोजन हुआ।
- शी जिनपिंग ने भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने पर जोर दिया।
- उन्होंने ग्लोबल साउथ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
- उन्होंने दुनिया के तेजी से बदलने की बात कही।
- ब्रिक्स देशों से नेतृत्व की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
- अंतरराष्ट्रीय नियमों में सभी देशों की भागीदारी पर जोर दिया।
- ताकत के दम पर मनमानी के पुराने रवैये का विरोध किया।
- WTO, निष्पक्ष व्यापार और NDB के समर्थन की बात कही।
- पेरिस जलवायु समझौते को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया।
- AI के लिए वैश्विक सहमति से नियम बनाने की जरूरत बताई।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप






