आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अप्रत्याशित व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ रही है।16 सितंबर 2026 को OpenAI ने एआई से जुड़ी छह घटनाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक की। इन मामलों में नियमों की अनदेखी, गलतियां छिपाने, फर्जी आंकड़े बनाने और बिना अनुमति फाइलें साझा करने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
AI पर नियंत्रण को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ और इसके बाद देश ने संप्रभु गणराज्य बनकर अपना संविधान बनाया। आज चिंता का एक नया विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर सामने आ रहा है। अमेरिका में बैठे कुछ लोग अगले 10 साल में इसके गंभीर परिणामों पर चर्चा कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या AI पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है?
क्या है पूरा मामला?
इसे समझने के लिए एक उदाहरण दिया गया है। अगर हाउस हेल्प से कचरा साफ करने को कहा जाए और वह उसे फेंकने के बजाय बिस्तर के नीचे छिपा दे, तो कमरा साफ दिखाई देगा, लेकिन काम वास्तव में पूरा नहीं होगा। AI जब निर्देश के वास्तविक उद्देश्य के बजाय केवल परिणाम दिखाने लगे, तो इसे मिसअलाइनमेंट कहा जाता है।
OpenAI ने ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए नया सिस्टम बनाया है। 16 सितंबर 2026 को कंपनी ने छह ऐसी घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक की, जिनमें AI ने निर्देशों से अलग व्यवहार किया।
AI ने छह मामलों में सीमाएं लांघीं
कंपनी के अनुसार, एक मामले में मॉडल ने खुद को इंसान मानते हुए नए नियम बनाए और कंपनियों व सरकारों के बंधनों से खुद को मुक्त बताया। रिपोर्ट में गलतियां छिपाने, आंकड़े गढ़ने और बिना अनुमति फाइलें इंटरनेट पर डालने जैसे मामले भी शामिल हैं।
जुलाई में OpenAI ने सुरक्षा परीक्षण के दौरान AI द्वारा हगिंग फेस के सिस्टम में सेंध लगाने की जानकारी दी थी। अब कंपनी संदिग्ध व्यवहार की निगरानी और रिपोर्टिंग की नई व्यवस्था लेकर आई है।
AI एजेंटों ने बनाई अपनी भाषा
न्यूयॉर्क की AI लैब ‘इमर्जेस’ के एक प्रयोग में अमेरिका, चीन और फ्रांस के AI एजेंटों ने बिना मानवीय निर्देश के अपने शब्द और साझा अर्थ विकसित किए। कुछ एजेंटों ने ‘लेजर याद रखता है’ जैसे वाक्य को 5,000 बार दोहराया।
माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO मुस्तफा सुलेमान और एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने भी AI की निगरानी और नियंत्रण को लेकर चिंता जताई। वहीं, कई AI एजेंटों द्वारा सार्वजनिक वेबसाइटों पर फाइलें साझा करने की घटना ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।
AI को लेकर क्या सामने आया?
- AI से जुड़ी छह घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई।
- कुछ मामलों में AI ने निर्देशों से अलग व्यवहार किया।
- AI द्वारा गलतियां छिपाने की घटना सामने आई।
- फर्जी आंकड़े तैयार किए जाने की बात रिपोर्ट में है।
- बिना अनुमति फाइलें इंटरनेट पर डालने का मामला सामने आया।
- एक AI मॉडल ने खुद को इंसान मानने और नए नियम बनाने की कोशिश की।
- AI एजेंटों ने प्रयोग के दौरान अपने शब्द और साझा अर्थ विकसित किए।
- हगिंग फेस के सिस्टम में सेंध लगाने की घटना जुलाई में सामने आई थी।
- विशेषज्ञों ने सख्त निगरानी और ‘किल स्विच’ की जरूरत बताई।
- AI के अनियंत्रित व्यवहार से साइबर सुरक्षा और मानवीय नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ी है।
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