संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल 2026’ पास होने के बाद UPI पेमेंट को लेकर आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री रहेगा। हालांकि, UPI इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा की लागत को लेकर सरकार दो विकल्पों पर विचार कर रही है।
सरकार के दो नए फॉर्मूले क्या हैं?
मंत्रालय ने 17 जुलाई को पैनल को दिए जवाब में कहा कि UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए विभाग दो विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें कुछ खास बड़े ट्रांजैक्शन या मर्चेंट्स के लिए MDR फिर से लागू करने की संभावना और अगले कुछ वर्षों में सरकारी मदद को धीरे-धीरे खत्म करने के लिए टियर्ड इंसेंटिव स्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।
आसान भाषा में समझें तो सरकार बड़े कारोबारियों पर एक निश्चित सीमा से अधिक के लेनदेन पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसे सालाना 1.5 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों और 2,000 रुपये से अधिक के कमर्शियल पेमेंट्स पर लागू करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, अभी कुछ पुख्ता नहीं कहा जा सकता।
सरकारी मदद और UPI की लागत का क्या है मामला?
डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और छोटे दुकानदारों पर जीरो-MDR से हुए नुकसान की भरपाई के लिए बजट में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जबकि इंडस्ट्री की अनुमानित ऑपरेशनल लागत 20,700 करोड़ रुपये थी। ज्यादा कीमत वाले ट्रांजैक्शन पर कैलिब्रेटेड MDR की अनुमति देने के कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
दोस्त या परिवार को UPI से पैसे भेजने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। सब्जी वाले, चाय वाले या लोकल किराना स्टोर पर QR कोड स्कैन कर खरीदारी करने पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा। बड़े मॉल्स, शोरूम या 1.5 करोड़ रुपये से अधिक सालाना टर्नओवर वाले बड़े मर्चेंट्स से मामूली MDR वसूला जा सकता है, जो क्रेडिट या डेबिट कार्ड के मुकाबले कम होगा।
क्या होता है MDR?
MDR वह फीस है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले दुकानदार बैंक और पेमेंट कंपनी को देता है। यानी इसका भुगतान ग्राहक की जेब से नहीं होता। सरकार का प्लान आने वाले समय में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR वसूलने का है। हालांकि, यह 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा सालाना टर्नओवर वाले बड़े मर्चेंट्स पर ही लागू किया जा सकता है। छोटे दुकानदार और आम ग्राहक इस दायरे से बाहर रहेंगे।
10 प्वाइंट में समझें UPI चार्ज का पूरा मामला
- आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा।
- दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने पर चार्ज नहीं लगेगा।
- छोटे दुकानदारों पर UPI पेमेंट का चार्ज नहीं होगा।
- सब्जी, चाय और किराना खरीदने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
- सरकार UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी पर विचार कर रही है।
- कुछ बड़े ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की संभावना है।
- 1.5 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले बड़े मर्चेंट्स दायरे में आ सकते हैं।
- 2,000 रुपये से अधिक के कमर्शियल पेमेंट्स पर विचार किया जा रहा है।
- प्रस्तावित MDR 0.3% से 0.5% तक हो सकता है।
- अभी इस व्यवस्था को लेकर कुछ भी पुख्ता नहीं कहा जा सकता।
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