अगर थोड़ी देरी के कारण आपकी ट्रेन छूट गई है, तो तुरंत निराश होकर घर लौटने की जरूरत नहीं है। रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन छूटने के बाद भी आपकी कंफर्म सीट कुछ समय तक सुरक्षित रह सकती है। जानिए कितने स्टॉपेज तक टीटीई आपकी सीट किसी और को नहीं दे सकता।
ट्रेन छूटने के बाद कितनी देर तक सुरक्षित रहती है सीट?
रेलवे के नियमों के मुताबिक, अगर यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन पर ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो टीटीई तुरंत उसकी सीट किसी दूसरे यात्री को नहीं दे सकता। टीटीई को कम से कम अगले दो स्टॉपेज या ट्रेन खुलने के समय से 1 घंटे तक, जो भी पहले पूरा हो, यात्री का इंतजार करना पड़ता है। इस अवधि में कंफर्म सीट किसी RAC या वेटिंग वाले यात्री को अलॉट नहीं की जा सकती।
ट्रेन छूट जाए तो अगले स्टेशन तक पहुंच सकते हैं
अगर ट्रेन आपके सामने से निकल गई है, तो तुरंत आगे का रूट चेक करें। अगर अगला स्टॉपेज आसपास है, तो कैब, ऑटो या मेट्रो से वहां पहुंचने की कोशिश की जा सकती है। अगले स्टेशन पर ट्रेन में पहुंचने के बाद टीटीई से मिलकर बताएं कि पिछले स्टेशन पर ट्रेन मिस हो गई थी। नियम के अनुसार, आपको उसी कंफर्म बर्थ पर सफर करने का अधिकार मिलता है।
दो स्टॉपेज के बाद दर्ज हो सकता है ‘No Show’
अब टीटीई कागजी चार्ट की जगह डिजिटल टैबलेट यानी हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) का इस्तेमाल करते हैं। अगर दो स्टॉपेज बीतने के बाद भी यात्री नहीं पहुंचता, तो टीटीई सिस्टम में ‘No Show’ दर्ज कर देता है। इसके बाद सीट सिस्टम की ओर से RAC या वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को ट्रांसफर हो जाती है।
समय रहते बदल दें बोर्डिंग स्टेशन
अगर पहले से पता है कि ट्रैफिक या किसी अन्य वजह से तय स्टेशन तक पहुंचना मुश्किल होगा, तो चार्ट बनने से पहले IRCTC पोर्टल पर ऑनलाइन बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इससे नए बोर्डिंग स्टेशन तक सीट सुरक्षित रखी जा सकती है।
ट्रेन छूटने पर TDR से मिल सकता है रिफंड
अगर ट्रेन काफी आगे निकल चुकी है और अगले दो स्टेशनों तक पहुंचना संभव नहीं है, तो टिकट का पैसा बचाने के लिए ट्रेन छूटने के तय समय में IRCTC ऐप या वेबसाइट पर TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल किया जा सकता है। इसमें ‘ट्रेन मिस होने’ का सही कारण चुनना होगा। रेलवे नियमों के तहत वेरिफिकेशन के बाद किराए का एक बड़ा हिस्सा रिफंड के तौर पर वापस मिल जाता है।
10 प्वाइंट में समझें रेलवे का यह नियम
- ट्रेन छूटने पर कंफर्म सीट तुरंत किसी दूसरे यात्री को नहीं दी जाती।
- टीटीई को कम से कम अगले दो स्टॉपेज तक इंतजार करना होता है।
- ट्रेन खुलने के समय से 1 घंटे तक भी सीट सुरक्षित रह सकती है।
- दो स्टॉपेज या 1 घंटे में जो पहले पूरा हो, वह अवधि महत्वपूर्ण है।
- इस अवधि में सीट RAC या वेटिंग यात्री को नहीं दी जा सकती।
- अगला स्टॉपेज पास होने पर वहां पहुंचकर ट्रेन पकड़ी जा सकती है।
- ट्रेन में चढ़ने के बाद तुरंत टीटीई को अपनी स्थिति बतानी चाहिए।
- दो स्टॉपेज के बाद HHT में ‘No Show’ दर्ज किया जा सकता है।
- चार्ट बनने से पहले IRCTC पर बोर्डिंग स्टेशन बदला जा सकता है।
- ट्रेन छूटने पर IRCTC ऐप या वेबसाइट से TDR फाइल किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें







