HomeLife Styleमुखिया की मौत के बाद लोन कौन चुकाएगा, जानिए कानून का पूरा...

मुखिया की मौत के बाद लोन कौन चुकाएगा, जानिए कानून का पूरा नियम

परिवार के किसी सदस्य, विशेषकर मुखिया के निधन के बाद संपत्ति के बंटवारे के साथ एक बड़ा सवाल सामने आता है कि उनके नाम पर मौजूद लोन का क्या होगा। बहुत से लोग मानते हैं कि विरासत के साथ कर्ज भी उत्तराधिकारियों पर आ जाता है, जबकि भारतीय कानून इस विषय में अलग और स्पष्ट व्यवस्था देता है।

स्व-अर्जित संपत्ति के बंटवारे से पहले चुकाई जाती हैं देनदारियां

माता या पिता के निधन के बाद उनकी स्वयं की कमाई से अर्जित संपत्ति का बंटवारा कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत पत्नी, बच्चे और मां जैसे प्रथम श्रेणी के कानूनी वारिसों को इस संपत्ति में समान अधिकार मिलता है। हालांकि संपत्ति का वितरण करने से पहले मृतक की सभी देनदारियों और बकाया कर्ज का हिसाब करना आवश्यक होता है। कानून का सिद्धांत स्पष्ट है कि सबसे पहले मृतक की संपत्ति से उसके कर्ज का भुगतान किया जाएगा और उसके बाद ही शेष संपत्ति का वारिसों के बीच विभाजन होगा।

असुरक्षित लोन में वारिसों की निजी संपत्ति रहती है सुरक्षित

क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और अन्य असुरक्षित कर्जों की स्थिति में बैंक या लेनदार सबसे पहले मृतक द्वारा छोड़ी गई संपत्ति से अपनी बकाया राशि वसूलने का प्रयास करते हैं। यदि उपलब्ध संपत्ति बेचने के बाद भी पूरा कर्ज नहीं चुकता, तो बैंक शेष रकम की वसूली के लिए उत्तराधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्ति या आय पर दावा नहीं कर सकता। कानून वारिसों की निजी संपत्ति को सुरक्षा प्रदान करता है और उन्हें अपनी जेब से मृतक का कर्ज चुकाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

होम लोन और कार लोन के मामलों में अलग होता है नियम

होम लोन और कार लोन जैसे सुरक्षित कर्जों में संबंधित संपत्ति बैंक के पास गिरवी रहती है। यदि उधारकर्ता की मृत्यु के बाद लोन की किश्तों का भुगतान बंद हो जाता है, तो बैंक गिरवी रखी गई संपत्ति की नीलामी करके अपना बकाया वसूल सकता है। हालांकि यदि उत्तराधिकारी उस मकान या वाहन को अपने पास रखना चाहते हैं, तो उन्हें शेष लोन का भुगतान करना होगा या नियमित रूप से ईएमआई जमा करनी होगी।

गारंटर और सह-आवेदक की जिम्मेदारी से नहीं मिलती राहत

कर्ज से जुड़े मामलों में सह-आवेदक (Co-applicant) और गारंटर (Guarantor) की भूमिका अलग होती है। यदि परिवार के किसी सदस्य ने लोन लेते समय स्वयं को सह-आवेदक या गारंटर के रूप में शामिल किया था, तो वह कानूनी रूप से अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। ऐसे व्यक्ति पर लोन चुकाने की वैधानिक जिम्मेदारी बनी रहती है।


यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप

हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें

RELATED ARTICLES
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.