आज के डिजिटल दौर में लोगों से बातचीत करना आसान हो गया है। कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ने के साथ ही फोन कॉल के जरिए होने वाली साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ा है। कई बार ठग बैंक अधिकारी या पुलिसकर्मी बनकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में अनजान कॉल करने वाले की पहचान करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
1 नवंबर से क्या बदल सकता है?
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए 1 नवंबर से अनजान कॉलर का नाम दिखाने की सुविधा शुरू होने की बात कही जा रही है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने इस फीचर को लेकर पहले भी टेस्टिंग के निर्देश दिए हैं। इस सुविधा का उद्देश्य कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करना है।
1. अनजान कॉलर की पहचान करना होगा आसान
इस फीचर के जरिए अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर नंबर के साथ रजिस्टर्ड नाम भी दिखाई दे सकता है। इससे यूजर को कॉल उठाने से पहले फोन करने वाले की पहचान जानने में मदद मिल सकती है। इसके आधार पर वह सोच-समझकर कॉल उठाने या न उठाने का फैसला कर सकता है।
2. फ्रॉड कॉल पहचानने में मिलेगी मदद
कॉलर का नाम दिखाई देने से संदिग्ध कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है। अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी या कंपनी का कर्मचारी बताकर फोन करता है, तो यूजर के पास कॉल की पहचान जांचने का एक अतिरिक्त तरीका होगा। हालांकि, केवल नाम देखकर किसी कॉल को सुरक्षित मानना सही नहीं है।
3. कॉलिंग में बढ़ेगी पारदर्शिता
अभी अनजान नंबर से फोन आने पर कई बार यह पता नहीं चल पाता कि कॉल कौन कर रहा है। इस सुविधा के तहत नंबर के साथ रजिस्टर्ड नाम भी दिखाई दे सकता है। इससे यूजर को कॉल उठाने से पहले अधिक जानकारी मिल सकेगी और कॉलिंग में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
4. साइबर फ्रॉड से बचने में मिलेगी मदद
साइबर ठग कई बार बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। कॉलर का नाम दिखने से ऐसी संदिग्ध कॉल को पहचानने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, यह फीचर साइबर फ्रॉड को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा। इसलिए किसी अनजान कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी या OTP साझा नहीं करना चाहिए।
10 पॉइंट में जानें इस फीचर के फायदे
- अनजान कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड नाम दिखाई दे सकता है।
- नंबर के साथ कॉलर की पहचान से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।
- कॉल उठाने से पहले फैसला लेने में मदद मिलेगी।
- संदिग्ध कॉल की पहचान करने का एक अतिरिक्त तरीका मिलेगा।
- बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले ठगों को पहचानने में मदद मिल सकती है।
- कंपनी के कर्मचारी के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल की जांच करना आसान हो सकता है।
- कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी जानकारी मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- अनजान नंबर से आने वाले कॉल को लेकर यूजर अधिक सतर्क रह सकेंगे।
- साइबर ठगी के जोखिम को पहचानने में मदद मिल सकती है।
- इसके बावजूद बैंक डिटेल और OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।






