खबर संसार नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने गरीब लोगो के लिए मुफ्त राशन योजना का समय 6 माह के लिए बड़ा दिया है। जिससे करोड़ों गरीब लोग लाभान्वित होगे।इससे पूर्व सुबह यूपी सीएम योगी ने 3 माह मुफ्त राशन की घोषणा की थी। जो अब वो भी 6 माह हो गई है। माना जा रहा है की इस साल गुजरात और हिमाचल में चुनाव है। और दूसरा भाजपा को मेंडेट मिला है उनकी 4 राज्यों में सरकार भी बनी है। कई कारण हो सकते है। इस योजना को बड़ान को लेकर।
आखिर क्यों सरकार ने गरीब लोगो के लिए मुफ्त राशन योजना का समय 6 माह के लिए बड़ाई
इससे पूर्व सुबह सीएम योगी नेे 15 करोड़ राशन कार्डधारकों को तोहफा देते हुए फ्री राशन योजना को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। योगी ने प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना काल में यह योजना शुरू की गई थी।
इसका योजना का उद्देश्य गरीबों की मदद करना है। फ्री राशन योजना पर करीब 3270 करोड़ का खर्च आता है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट फैसला लिया है कि योजना आगे भी हम जारी रखेंगे।
खाद्य व रसद विभाग ने शासन को भेजा था प्रस्ताव
आपको बता दें कि यूपी सरकार की मुफ्त राशन योजना के लिए खाद्य व रसद विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि भेजे गए प्रस्ताव में अवधि का कोई जिक्र नहीं था, इसे सरकार की मंशा पर छोड़ दिया गया। प्रस्ताव में महंगाई के बढ़ने के कारण निशुल्क राशन देने का जिक्र है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार में इस बात पर मंथन चल रहा था कि इस योजना को कब तक बढ़ाया जाए। वहीं योजना को एक साथ न बढ़ाकर दो से तीन चरणों में बढ़ाया जाए। इसमें सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दिए जाने वाले राशन यानी गेहूं व चावल के अलावा एक लीटर तेल, एक किलो चना नमक भी देगी।
अभी तक राज्य सरकार ने दिसम्बर से मार्च तक निशुल्क राशन दिया है। इसमें अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो अनाज और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो यानी तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल दिया जाता है। इसके लिए कार्डधारकों से दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल के लिए लिया जाता है लेकिन अब राज्य सरकार इसका खर्चा खुद वहन करेगी।
फ्री राशन नहीं मिल रहा तो इस हेल्पलाइन पर करें कॉल
बेघर तथा कचरा उठाने वाले नागरिकों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। ऐसे वंचितों को अभियान चलाकर राशन कार्ड जारी किया जाएगा। यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने दी। उन्होंने कहा कि समुचित पहचान पत्र के अभाव में आश्रयहीन जीवन व्यतीत कर रहे व्यक्तियों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होते हैं।
वंचितों की पहचान एवं सत्यापन का कार्य मंडलाययुक्त अपने पर्यवेक्षण में जिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी के सहयोग से कराएंगे। कोई ऐसा पात्र व्यक्ति, जो खाद्यान्न वितरण की महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित है, वह हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-150 पर सूचना दे सकता है।
