उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को पद से इस्तीफ़ा देने के कुछ दिनों बाद चुनाव आयोग ने 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर 9 सितंबर को मतदान की तिथि तय की है।
चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त (गुरुवार) है। इसके बाद 22 अगस्त (शुक्रवार) को नामांकन की जांच होगी और 25 अगस्त (सोमवार) तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो मतदान और मतगणना दोनों 9 सितंबर (मंगलवार) को कराए जाएंगे।
74 वर्षीय धनखड़ ने अचानक दिया इस्तीफ़ा
2022 में उपराष्ट्रपति बने 74 वर्षीय जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उन्होंने अचानक इस्तीफ़ा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। उनके इस्तीफ़े के एक दिन बाद ही राज्यसभा में विपक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सौंपा, जिसे धनखड़ ने सदन में रखा था। इसे एक चौंकाने वाली घटना के रूप में देखा गया।
उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
भारत के संविधान के अनुच्छेद 63 से 71 और उपराष्ट्रपति निर्वाचन नियम 1974 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव धनखड़ के इस्तीफे के 60 दिनों के भीतर और 19 सितंबर 2025 से पहले कराना जरूरी है।
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्यों द्वारा किया जाता है, चाहे वे निर्वाचित हों या मनोनीत। मतदान की प्रक्रिया गुप्त और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के आधार पर होती है, जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करती है।
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