खबर संसार, नई दिल्ली: तीनों नए कृषि कानून वापस, आंदोलन को लेकर Rakesh Tikait ने रख दी ये शर्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रकाश पर्व पर तीनों कृषि कानूनों निरस्त कर दिये। लेकिन भातीय किसान यूनियन (BKU) के नेता Rakesh Tikait ने आज शुक्रवार को कृषि कानून निरस्त होने के बाद भी उन्होंने आंदोलन खत्म करने के लिए शर्त रख दी।
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उनका कहना है कि कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद भी आंदोलन चलता रहेगा। टिकैत ने ट्वीट करते हुए कहा कि, ‘आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार, एमएसपी के साथ- साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक जयंती के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए कहा, कि ‘आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।’
बोले Rakesh Tikait केंद्र सरकार को (BKU) बात करनी चाहिए
इधर किसान नेता Rakesh Tikait ने कहा कि केंद्र सरकार को फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य और दूसरे मुद्दों पर भी भारतीय किसान यूनियन (BKU) से बात बात करनी चाहिए। BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह ट्वीट किया। किसान इन कानूनों के खिलाफ पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे थे।
बोले अखिलेश यादव ये सब नौटंकी है
इधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीएम के कृषि कानून निरस्त करने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये सब नौटंकी चल रही है। किसानों का सम्मान नहीं किया जा रहा। जो प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिये गऐ हैं। वह समाजवादी पार्टी की जीत है और इसका लाभ समाजवादी पार्टी को मिलेगा न कि भाजपा को।



