ख़बर संसार उधम सि नगर -दिलीप अरोरा.गजब -रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर हुआ भाजपा बनाम भाजपा. जी हा हाल ही मे राज्य मे त्रिस्तरीय पंचायत के चुनावों ने जनता ने ग्राम प्रधान, वॉर्ड सदस्य, और जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्यों का चुनाव अपने मतो द्वारा कर लिया हैं। अब इन चुनावों का आखिरी चरण बाकि हैं जिसमे जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखो का चयन होना हैं हलांकि इसमें आम जनता अपना मत नहीं दे सकती यह चयन दूसरी प्रक्रिया द्वारा होना हैं। जिसमे जिला पंचायत सदस्य अपना अध्यक्ष चुनेंगे और बीडीसी मेंबर अपने ब्लॉक क्षेत्र से अपना ब्लॉक प्रमुख।
गजब -रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर हुआ भाजपा बनाम भाजपा
*अध्यक्ष हुआ निर्विरोध तो ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी के आड़े आये कुछ भाजपाई*जिस तरह प्रदेश का कुशल नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी सफलता पूर्वक कर रहे हैं और लगातार जिस तरह भाजपा को प्रदेश मे मजबूत कर रहे हैं और चुनावों मे अपने प्रत्याक्षियों को विजय श्री दिलाने मे कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं चाहे वह नगर निकाय के चुनाव हो या फिर हाल ही मे हुए त्रिस्तरीय चुनाव का शुरू का चरण सभी मे धामी के नेतृत्व मे भाजपा को प्रदेश मे मजबूती ही मिली हैं।ऐसे मे प्रदेश मे धामी के नेतृत्व ने अपना लोहा मनवाते हुए चुनाव से पहले प्रदेश मे 4सीट पर जिला पंचायत अध्यक्ष को निर्विरोध निर्वाचित करा दिया हैं।
चाहे वह नगर निकाय के चुनाव हो या फिर हाल ही मे
यहां उधम सिंह नगर की जिला पंचायत अध्यक्ष को सीट पर भी भाजपा द्वारा पूर्व अध्यक्ष रेनू गंगवार का नाम दरकिनार कर जिस तरह अजय मौर्या को टिकट दिया गया और उनको निर्विरोध विजय दिलाने मे धामी ने जिस तरह अपना लोहा मनवाया उसी तरह भाजपा को उम्मीद थी की रुद्रपुर ब्लॉक से भी भाजपा प्रत्याशी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ममता जल्होत्रा इस बार भी निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनेंगी। लेकिन कुछ भाजपाई किच्छा पूर्व विधायक के नेतृत्व मे इस कुर्सी पर जीत के आड़े आ गये और उन्होंने भाजपा प्रत्याक्षी ममता जल्होत्रा के सामने रीना गौतम का नमांकन करवा दिया।
*भाजपा जिला अध्यक्ष को भी किया दरकिनार*
जिस तरह भाजपा प्रदेश अलाकमान और भाजपा जिला कार्यकारिणी ने एक मत होकर रुद्रपुर ब्लॉक से ममता जल्होत्रा को ब्लॉक प्रमुख प्रत्याक्षी घोषित कर उनका नामांकन करवाया था और इस जीत के लिए भी वह आश्वसत थे तो उसी वक़्त कुछ भाजपाई नेताओं ने पूर्व किच्छा भाजपा विधायक के साथ नामांकन स्थल पहुंच कर भाजपा प्रत्याक्षी के सामने दूसरे प्रत्याक्षी के रूप मे रीना गौतम का नमांकन करवा दिया।जिसके बाद पार्टी को पूरी उम्मीद थी की भाजपा हाइकमान और जिले के शीर्ष नेताओ और जिला अध्यक्ष के समझाने पर यह बागी हुए नेता रीना गौतम का नमांकन वापिस लेकर ममता जल्होत्रा को ही ब्लॉक प्रमुख रुद्रपुर निर्विरोध निर्वाचित होने देंगे।लेकिन नाम वापसी का समय समाप्त हो गया। लेकिन नाम वापसी नहीं लिया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष जिंदल ने कहा की उनको समझाने का प्रयास किया गया था पर वह नहीं माने लोकतंत्र हैं चुनाव लड़ने का अधिकार सब को हैं।
*रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख सीट भाजपा की हो रही जमकर किरकिरी*नाम वापिस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद और नाम वापिस न लिए जाने के बाद इस ब्लॉक प्रमुख सीट पर भाजपा की जमकर किरकिरी हो रही हैं। जो भाजपा मे हुए दो फाड़ को साफ दर्शाती हैं।
तो क्या जितेंद्र गौतम बन गये भाजपा पार्टी से भी बड़े नेता
कुछ समय पूर्व बसपा पार्टी छोड़ कर भाजपा मे शामिल हुए पूर्व पंचायत सदस्य जितेंद्र गौतम क्या भाजपा पार्टी से खुद को बड़ा नेता मान बैठे हैं। जी हाँ यही सवाल अब सबके मन मे चल रहा हैं क्योंकि हाल ही मे भाजपा जिला संगठन और प्रदेश भाजपा संगठन ने जितेंद्र गौतम को जिला पंचायत सदस्य प्रतापपुर सीट से एकजुटता से चुनाव लड़ाया था और जिसमे वह कांग्रेस प्रत्याक्षी से बुरी तरह हारें थे और ममता जल्होत्रा अपने बीडीसी क्षेत्र से चुनाव जीती थी तो ऐसे मे जितेंद्र गौतम को नैतिकता के आधार पर अनुशासन प्रिय भाजपा पार्टी मे भाजपा प्रदेश संगठन और जिला संगठन पदाधिकारियो का सम्मान रखते हुए स्वयं को साबित करना चाहिये था और ब्लॉक प्रमुख सीट और भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याक्षी के समर्थन मे रहना चाहिये था तो वही वह खुद अपनी ही पार्टी प्रत्याक्षी की जीत मे रोड़ा बन गये और अपनी पत्नी का ब्लॉक प्रमुख सीट पर किच्छा पूर्व विधायक के साथ जाकर नमांकन करवा समस्त जिला भाजपा सगठन को कही न कही अपमानित करवा बैठे हैं। चर्चाओ मे अब यही आ रहा हैं की क्या जितेंद्र गौतम खुद को भाजपा पार्टी से बड़ा मान बैठे हैं।*हार के साथ मिल सकता पार्टी निष्कासन*जिस तरह जितेंद्र गौतम ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हारने के बावजूद ब्लॉक प्रमुख रुद्रपुर की सीट पर भाजपा प्रत्याक्षी के विरुद्ध अपनी पत्नी का नमांकन करवा कर भाजपा नियमों की अनदेखी करने के कार्य किया हैं उसको देख कर लगता हैं की यदि वह चुनाव हारें तो भाजपा पार्टी से उनका निष्काशन पक्का हैं।
