भारतीय टेक कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन की Arattai ऐप में एक ऐसा अपडेट आ रहा है, जो मैसेजिंग की दुनिया में हलचल मचा सकता है। अभी तक इस ऐप में वॉइस और वीडियो कॉल्स ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, लेकिन अब चैटिंग को भी पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस फीचर के आने से यूजर्स के मैसेज सिर्फ भेजने और प्राप्त करने वाले के बीच ही रहेंगे। न तो कंपनी और न ही कोई थर्ड पार्टी इन्हें पढ़ सकेगी।
हालांकि, WhatsApp पर यह सुविधा लंबे समय से उपलब्ध है, लेकिन Arattai का देसी स्वदेशी टच इसे खास बना रहा है। यह बदलाव Arattai को प्राइवेसी के मामले में WhatsApp जैसी ग्लोबल ऐप्स से मुकाबला करने लायक बना देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सिक्योरिटी के इस दौर में यह कदम यूजर्स का भरोसा बढ़ाएगा।
प्राइवेसी फोकस: CEO मणि वेंबू का बयान और टीम का प्रयास
पिछले कुछ हफ्तों में Arattai की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी अब इसके प्राइवेसी फीचर्स को और मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में ऐप के सीईओ मणि वेंबू ने खुलासा किया, “हम इस फीचर पर तेजी से काम कर रहे हैं। पर्सनल मैसेजिंग के लिए सीक्रेट चैट ऑप्शन दे रहे हैं, जो यूजर्स को प्राइवेट बातचीत में एन्क्रिप्शन इनेबल करने की सुविधा देगा।” वेंबू ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह डिफॉल्ट नहीं है, लेकिन पूरी टीम इसे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराने में जुटी हुई है।
इस बयान से पहले सोशल मीडिया पर Arattai के सिक्योरिटी आर्किटेक्चर को लेकर कई सवाल उठे थे। यूजर्स ने प्राइवेसी की कमी की शिकायत की थी, जिसके जवाब में जोहो ने तुरंत कार्रवाई की। यह अपडेट न सिर्फ आलोचनाओं का जवाब देगा, बल्कि ऐप को और विश्वसनीय बनाएगा। Arattai का यह कदम भारतीय यूजर्स की गोपनीयता चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जहां डेटा लीक के मामले आम हैं।
Arattai का सफर: साइड प्रोजेक्ट से टॉप ऐप तक
जोहो ने Arattai को 2021 में एक साइड प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया था। शुरुआत में यह ज्यादा पॉपुलर नहीं हो सकी, लेकिन हाल के दिनों में हालात बदल गए। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल जैसे बड़े नेताओं ने इसे स्वदेशी विकल्प के तौर पर समर्थन दिया। उनकी अपील के बाद डाउनलोड्स में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हुई। ऐप स्टोर पर यह सबसे ज्यादा डाउनलोड वाली ऐप्स की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई।
यह सफलता Arattai को ‘मेक इन इंडिया’ की मिसाल बना रही है। जोहो जैसी कंपनी का यह प्रयास न सिर्फ मैसेजिंग मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय टेक इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। भविष्य में और फीचर्स आने की उम्मीद है, जो यूजर्स को आकर्षित करेंगे। कुल मिलाकर, Arattai अब WhatsApp की तरह मजबूत दावेदार बनने की राह पर है।
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