Haldwani, खबर संसार। पीएलए के 100 सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर पिछले माह उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर (soldiers) में घुस आए थे। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह घटना 30 अगस्त की है और चीनी सैनिक कुछ घंटे बाद वापस लौट गए। सूत्रों ने बताया कि जवाबी रणनीति के तहत भारतीय सैनिकों ने क्षेत्र में गश्त की।
तो वहीं चीनी सैनिकों (soldiers) के भारतीय सीमा में आने को लेकर सेना ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आयी है जब पूर्वी लद्दाख के कई बिंदुओं पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों को 30 अगस्त की घटना के दिन सीमा पार आने वाले चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर आश्चर्य हुआ।
पीएलए के सैनिकों ने किया पुलों को नष्ट
सेना के अफसरों ने बताया कि पीएलए के सैनिकों (soldiers) ने एक पुल को भी नष्ट कर दिया है। उत्तराखंड के इस इलाके पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ एक खतरा साबित कर रहा है। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने भारतीय इलाके पर घुसपैठ करने की कोशिश की है, इससे पहले भी बाराहोती इलाके में चीन की ओर से घुसपैठ किया गया है।
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साल 2018 में चीनी सैनिकों द्वारा 3 बार भारतीय इलाकों पर घुसपैठ करने की कोशिश की गई थी।सुरक्षा सूत्रों ने अग्रेंजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स के हवाले से बताया कि, 100 से ज्यादा चीनी सैनिक तुन जुन ला पास पार कर 55 घोड़े के साथ भारतीय इलाके में 5 किमी से ज्यादा बाराहोती के करीब चारागाह पर आ गए थे।
तीन घंटे तक भारतीय इलाके में रहे चीनी (soldiers)
सूत्रों ने बताया कि, चीनी सैनिकों का यह ग्रुप करीब तीन घंटे तक रहा, जिस इलाके में भारतीय सेना नहीं होते वहां चीनी सेनिकों की मौजुदगी काफी चिंता बढ़ा रही है। इस इलाके में चीनी सैनिकों ने सिगरेट पिया, घूमे और चीनी सामनों के रैपर को फेंका। सूत्रों ने बताया कि, स्थानीय लोगों द्वारा घुसपैठ की जानकारी मिली जिसके बाद भारतीय सेना और बीएसफ की टीम मौके पर इलाके पर पहुंचे। हालांकि, जब भारतीय सेना उस इलाके पर पहुंचता उससे पहले ही चीनी सैनिक वहां से चले गए थे।


