खबर संसार, हल्द्वानी: भोजन माताओं का बुद्ध park में प्रदर्शन, जानिए क्या है इनकी मांग, आज हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में भोजन माताओं ने बुद्ध park में एकत्रित होकर शहर में जुलूस निकाला अपनी कई समस्याआं व मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया। इस ज्ञापन में भोजन माताओं को स्थाई करने व न्यूनतम वेतन, अमानवीय शासनादेश रद्द तथा कोविड सेंटरो में कार्यरत भोजन माताओं को प्रोत्साहन राशि पूरा करने की अपील की गई है।
भोजन माताओं को हटाने का प्रयास
बुद्ध park में प्रदर्शन कर रही भोजन माता संगठन की महामंत्री रजनी जोशी मैं कहां कि भोजनमाताएं 18-19 सालों से बेहद कम मानदेय पर मात्र 2000 में भोजनमाता के काम के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम सफाई कर्मचारी का काम, माली का काम आदि काम कर रही हैं, भोजन माताएं गरीब परिवारों से आती हैं।
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बुद्ध park में प्रदर्शन रही भोजन माताएं बोली बड़ी शर्म की बात
बुद्ध park में प्रदर्शन रही भोजन माताओं का कहना है कि इतनी महंगाई के दौर में मात्र 2000 रुपये में कोई अपना घर कैसे चला सकता है। सरकार भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाने की जगह भोजन माताओं को निकालने के शासनादेश पारित कर रही है। यह बड़ी शर्म की बात है। सरकार बताए कि हम इतने कम पैसों में अपना घर कैसे चलाएं।
15,000 हो न्यूनतम वेतन
भोजनमाताओं के तमाम संघर्षों और मुख्यमंत्री व अलग-अलग अधिकारियों को ज्ञापन में 15,000 न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग की गई थी। अब इतने समय बाद उत्तराखंड के शिक्षा सचिव अरविंद पांडे ने भोजन माताओं का मानदेय 5000 रुपये किए जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यह प्रस्ताव भी कब तक लागू होगा इसकी अभी तक कोई चर्चा नहीं की जा रही है। इस कार्यक्रम में रजनी, दीपा उपरेती, गीता आर्य, मोहनी जोशी, चंपा, हेमा, कविता, पार्वती, पुष्पा देवी, मंजू देवी सहित दर्जनों भोजनमाताऐं शामिल रहीं।







