नई दिल्ली, खबर संसार। लोग कह रहे है कि यह ED सरकार है। हां, यह ED सरकार है, एकनाथ-देवेंद्र की सरकार है, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधानसभा में शब्दों से खेलते हुए नजर आए। आरोप लगाए जा रहे हैं कि सरकार बदलने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दुरुपयोग किया। इसका आरोप पर उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और खुद के नाम का इस्तेमाल करते हुए पलटवार किया।
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महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट के दौरान जब शिवसेना बागी एकनाथ शिंदे का समर्थन कर रहे थे तो विपक्षी विधायक ‘ईडी, ईडी’ के नारे लगा रहे थे। एकनाथ शिंदे को 164 मिले, जबकि सरकार के खिलाफ 99 वोट पड़े हैं। ऐसे ही नारे रविवार को विधानसभा स्पीकर के चुनाव के दौरान लगे थे। शिंदे गुट में शामिल शिवसेना के कुछ विधायक और उनके परिवार के सदस्य ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं।
जब से शिंदे खेमे की बगावत शुरू हुई, जिसके बाद उद्धव ठाकरे को पिछले बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। ठाकरे टीम का कहना है कि ईडी का दुरुपयोग पार्टी के विधायकों पर भाजपा समर्थित बगावत में दबाव बनाने के लिए किया गया था।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने जिक्र किया कि भाजपा-शिवसेना के चुनाव पूर्व गठबंधन को 2019 में जनादेश मिला था, लेकिन बहुमत जानबूझकर हमसे छीन लिया गया।’ वह उद्धव ठाकरे की शिवसेना का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार बनाने के लिए भाजपा को छोड़ दिया था।
महाराष्ट्र विधानसभा में आज फिर फ्लोर टेस्ट के दौरान लगे ‘ED, ED’ के नारे
“एकनाथ शिंदे के साथ, हमने एक बार फिर शिवसेना के साथ अपनी सरकार बनाई है। एक शिव सैनिक मुख्यमंत्री बन गया है।’ उन्होंने शिंदे के दावे को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका गुट ही असली शिवसेना है। पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “मैं अपनी पार्टी के आदेश के अनुसार डिप्टी सीएम बना। मैं घर पर भी बैठ जाता अगर पार्टी ने मुझे बोला होता। उसकी पार्टी ने मुझे मुख्यमंत्री भी बनाया था।’
