खबर संसार, देहरादून: : क्या हैं उत्तराखंड के electoral समीकरण, जानिए किसको कितनी मिलेंगी सीट!, कारोना महामारी के बीच 14 फरवरी को उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटों पर मतदान किया जाएगा। जिसकी अधिसूचना 21 जनवरी को जारी होगी। वर्ष 2000 में जब से उत्तराखंड अलग बना है तब से इस पहाड़ी राज्य में रोजगार के अवसर न होने के कारण यहां के लोगों का पलायन भी बड़ा electoral मुद्दा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार उत्तराखंड राज्य में 81.43 लाख मतदाता हैं। इस वर्ष इसमें 1.98 लाख नए महिला और 1.06 लाख पुरुष मतदाता जुड़े हैं।
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उत्तराखंड के बड़े चुनावी मुद्दे
उत्तराखंड राज्य की बात करें तो वर्ष 2000 में यह उत्तर प्रदेश से अलग होकर नय राज्य बनने के साथ 13 जिले भी बने। मगर उसके बाद एक भी नया जिला किसी भी सरकार में नहीं बना, चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस। अब आम आदमी पार्टी वादा करती नजर आ रही है कि अगर उसकी सरकार बनीं तो 6 नये जिले उत्तराखंड में और बनाए जाएंगे।
रोजगार और पलायन बड़ा electoral मुद्दा
उत्तराखंड में रोजगार और पलायन बड़ा मुद्दा है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से लोगों को पलायन शुरुआती बड़ा electoral मुद्दा रहा है। सरकार ने इसके लिए पलायन आयोग तक गठित कर रखा है। आयोग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड से करीब 60 प्रतिशत आबादी घर छोड़ चुकी है। बेरोजगारी पर विपक्ष का दावा है कि राज्य में बेरोजगारी का दर औसत राष्ट्रीय दर से दुगनी हो चुकी है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों पर आक्रामक तरीके से हमलावर होने के साथ ही उत्तराखंड में बिजली, पानी वगैरह जनसुविधाओं को भी चुनावी मुद्दा बना रही है।
सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 44-50 सीट मिलने की उम्मीद
ओपिनियन पोल के अनुसार उत्तराखंड में भी भाजपा वापसी करते हुए दिख रही है। सर्वे के मुताबिक, 70 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी को 44 -50 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, कांग्रेस को 12-15, आप को 5-8 और अन्य को 0-2 सीटें मिलने की उम्मीद है।
