एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स जल्द ही भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस (satellite based internet service) स्टारलिंक लॉन्च कर सकती है। यह जानकारी एलन मस्क ने एक ट्विटर पोस्ट का जवाब देते हुए कहा। उन्होंंने कहा कि कंपनी यह पता लगा रही है कि देश में रेगुलेटरी अप्रूवल प्रोसेस स्टारलिंक के लिए कैसे काम करेगी।
Starlink ने हाल ही में ग्राहकों को 1,00,000 टर्मिनल भेजे हैं। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सैटेलाइट्स (satellite) के समूह के माध्यम से ग्लोबल ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। स्पेसएक्स ने नवंबर 2019 में सैटेलाइट लॉन्च शुरू किया और लगभग एक साल बाद चुनिंदा ग्राहकों के लिए अपना $99 (7,223 रुपये) प्रति माह बीटा कार्यक्रम खोला।
1,700 से अधिक सैटेलाइट्स लॉन्च
टेकक्रंच ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि- उस अवधि के बाद से, स्पेसएक्स ने अब तक 1,700 से अधिक सैटेलाइट्स (satellite) को लॉन्च किया है और 1,00,000 शिप किए गए टर्मिनलों के अलावा – सर्विस के लिए आधा मिलियन से ज्यादा एडिशनल ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।
ये भी पढ़ें- बिग बॉस सीजन-13 के विनर Siddharth Shukla की मौत
Starlink के कई बीटा ग्राहक दूरस्थ या ग्रामीण क्षेत्रों में
Starlink के कई बीटा ग्राहक दूरस्थ या ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड तक पहुंच सीमित या न के बराबर है। ग्राहक सर्विस के लिए $499 की अग्रिम लागत का भुगतान करते हैं, जो उन्हें जमीन पर उतारने के लिए एक स्टार्टर किट को कवर करता है: जिसमें एक यूजर टर्मिनल (जिसे स्पेसएक्स प्यार से “डिशी मैकफ्लैटफेस” के रूप में संदर्भित करता है), वाई-फाई राउटर, पावर सप्लाई, केबल और एक माउंटिंग ट्राइपॉड शामिल है। कंपनी का लक्ष्य लगभग 30,000 स्टारलिंक सैटेलाइट्स (satellite) को ओरिबट में लॉन्च करना और लाखों ग्राहकों के लिए अपने यूजर पूल का विस्तार करना है।
