खबर संसार नई दिल्ली।हरक फिर से होंगे कांग्रेसी,क्योंकि सरकार उसी की बनती जहां होते हरक सिंह रावत। सूत्रों के अनुसार आज उनको सदस्यता पर सहमति बन गई है। तो ससुर और बहु लेंगे कांग्रेस की सदस्यता। क्योंकि जहां हरक होते सरकार उसी की बनती ऐसा है मिथक ! जी हा हरक सिंह रावत के बारे में एक मिथक है की वो जिस पार्टी से जुड़ते हैं उसी की सरकार बनती है। हरक सिंह रावत एक दमदार कद्दावर रंगमंच के कलाकार भी हैं। मौके आने पर अलग-अलग रोल भी निभा जाते हैं।
बहुत ज्यादा संकट होने पर वह रो देते हैं और इसका लाभ उन्हें मिलता रहा है जिसे 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने हरक सिंह रावत को रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट पर उनके साढू भाई मातबर सिंह कंडारी के खिलाफ चुनाव लड़वाया था। मातबर सिंह कंडारी उस समय कद्दावर माने जा रहे थे लेकर हरक सिंह रावत ने अपने चुनावी दांव पेज के साथ निर्णय पर रुदाली दांव चला और हरक चुनाव जीत गए।
अब वह कांग्रेस में वापसी चाह रहे हैं लेकिन हरीश रावत 2016 की याद दिला रहे हैं कि उसको लेकर उन्होंने जो अपराध किया है उसकी माफी मांगे।फिर उनका पार्टी में स्वागत है। दूसरी ओर प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल हरक सिंह रावत के पार्टी में शामिल होने को शुभ संकेत बता रहे हैं। मानना है कि राजनीति में दरवाजे बंद नहीं किए जाते। लोग आते हैं जाते हैं। इस रूप में देखना चाहिए।
अब देखना यह दिलचस्प है कि कांग्रेस उनको लेती है और उनको उनकी पुत्रवधू को टिकट देती है। तो परिवारवाद का नियम उनके लिए भी अपवाद रहेगा।हरक सिंह रावत के बारे में एक मिथक है की वो जिस पार्टी से जुड़ते हैं उसी की सरकार बनती है। हरक सिंह रावत एक दमदार कद्दावर रंगमंच के कलाकार भी हैं। मौके आने पर अलग-अलग रोल भी निभा जाते हैं।


