महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों की मतगणना के बीच जो तस्वीर सामने आई है, उसने राज्य की शहरी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रुझानों और घोषित नतीजों से साफ हो गया है कि इस बार मुस्लिम उम्मीदवारों ने अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ते हुए उल्लेखनीय और मजबूत प्रदर्शन किया है। कई ऐसे वार्ड, जहां मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा था, वहां मुस्लिम प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है।
मानखुर्द–गोवंडी में AIMIM का दबदबा
मानखुर्द–गोवंडी बेल्ट में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में है। पार्टी ने सीधे मुकाबले में कई सीटें जीतकर अपनी शहरी पकड़ मजबूत कर ली है। वार्ड संख्या 134 से महजबीन अतीक अहमद, वार्ड 135 से इरशाद खान और वार्ड 145 से खैरुनिसा हुसैन की जीत ने AIMIM को इस क्षेत्र में एक निर्णायक ताकत के रूप में स्थापित किया है।
कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों ने भी दिखाई ताकत
कांग्रेस पार्टी के मुस्लिम उम्मीदवारों ने भी इस चुनाव में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। कुर्ला पश्चिम से अशर्फ आज़मी की जीत को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं वार्ड संख्या 33 से कांग्रेस विधायक असलम शेख की बहन क़मर जहां मोइन सिद्दकी की जीत ने यह संकेत दिया है कि शहरी अल्पसंख्यक मतदाता अब भी कांग्रेस पर भरोसा जता रहे हैं।
उद्धव ठाकरे गुट और अन्य दलों से जीत
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और अन्य दलों से भी मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत सामने आई है। वार्ड 124 से शकीना शेख और वार्ड 201 से इरम सिद्दीकी ने जीत हासिल की। इन नतीजों से यह स्पष्ट होता है कि मतदाताओं ने पार्टी के बजाय उम्मीदवार की स्थानीय पकड़, जमीनी काम और उपलब्धता को ज्यादा महत्व दिया।
कब हुआ था महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव?
महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान हुआ था। इनमें मुंबई की 227 सीटें शामिल थीं। कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में थे और 3.48 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार औसतन 50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि मुंबई में मतदान प्रतिशत 52.94 रहा।
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