सऊदी अरब और पाकिस्तान जब डिफेंस डील कर रहे थे, ठीक उसी वक्त भारत ने यूएई जाकर बड़ी आर्थिक डील कर ली। यह डील सऊदी-पाक डील से कहीं बड़ी बताई जा रही है। भारत और यूएई की इस साझेदारी से दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
तीसरे देशों में होगा बड़ा निवेश
भारत और यूएई ने मिलकर तीसरे देशों में बड़े पैमाने पर निवेश करने का फैसला किया है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग और हाउसिंग जैसे सेक्टरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत के कुशल युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यूएई में बनने वाले “भारत मार्ट” की तर्ज पर अन्य देशों में भी ऐसा मॉडल लागू किया जाएगा। इससे छोटे उद्यमियों और एमएसएमई को निर्यात के बड़े मौके मिलेंगे।
भारत में निवेश को लेकर उत्साहित यूएई
यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयोदी के साथ बैठक के बाद गोयल ने कहा कि बातचीत बेहद सार्थक रही। यूएई के बैंकर भारत में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इससे भारत-यूएई रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।
सऊदी अरब पर दबाव बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूएई की यह डील सीधे-सीधे सऊदी अरब पर दबाव बनाएगी। जहां एक तरफ सऊदी अरब अपने प्रोजेक्ट्स और बढ़ते कर्ज से जूझ रहा है, वहीं भारत-यूएई साझेदारी भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है।
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