भारतीय सेना की रणनीति और युद्ध क्षमता को लेकर दो बड़े देशों ने प्रशंसा की है। थाईलैंड और ग्रीस ने खुले शब्दों में भारतीय सेना की ताकत को स्वीकारते हुए कहा है कि यह पूरी दुनिया के लिए एक सीख है। थाईलैंड की वायुसेना ने भारतीय वायुसेना के “ऑपरेशन सिंदूर” को “मॉडर्न वॉरफेयर का मास्टरक्लास” करार दिया है।
थाई वायुसेना के डिप्टी एयर चीफ सोमई लिलिथम ने एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में कहा कि भारतीय वायुसेना ने जिस तरह से पाकिस्तान के 11 एयरबेस और 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, वह विश्वस्तरीय रणनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा, “भारत ने मल्टीलेयर एयर डिफेंस, सायबर ऑपरेशन और डीप स्ट्राइक की ऐसी तालमेल दिखाई, जो शायद ही कहीं और देखने को मिले।” इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी बात यह रही कि भारत ने एक भी पायलट नहीं खोया।
ग्रीस ने कहा – युद्ध कला में भारत से लेनी चाहिए प्रेरणा
वहीं यूरोपीय देश ग्रीस ने भी भारत की युद्ध रणनीति को सराहा है। ग्रीक समाचार पत्र ग्रीस सिटी टाइम्स ने लिखा है कि तुर्किए की आक्रामक नीति और विस्तारवाद को देखते हुए ग्रीस को अपनी सैन्य रणनीति मजबूत करनी चाहिए। इसके लिए भारत से सीखना सबसे उचित होगा।
ग्रीस के रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने जिस रणनीतिक परिपक्वता से युद्धों का सामना किया है, वह आने वाले समय में किसी भी देश के लिए उदाहरण बन सकता है। तुर्किए की संभावित आक्रमण नीति और पाकिस्तान से उसके संबंध ग्रीस को सचेत कर रहे हैं। भारत की सैन्य रणनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मान्यता मिल रही है, वह न केवल गर्व की बात है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारतीय सेना अब वैश्विक सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित हो चुकी है।
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