बेंगलुरु, खबर संसार। कर्नाटक पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह को नाराजगी का सामना करना पड़ा। खबर है कि कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं पर स्याही फेंकी गई। टिकैत का कहना है कि किसान नेता चंद्रशेखर के समर्थकों ने उनपर स्याही फेंकी थी। राजधानी बेंगलुरु में जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ।
हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन ने जानकारी दी कि बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में टिकैत पर स्याही फेंकने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टिकैत और सिंह कर्नाटक के किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े वीडियो को लेकर सफाई दे रहे थे। यह स्टिंग ऑपरेशन एक चैनल ने किया था, जिसमें कोडिहल्ली पैसों की मांग करते नजर आ रहे थे।
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टिकैत ने ‘स्याही हमले’ के आरोप राज्य सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘यहां स्थानीय पुलिस की तरफ से कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी। यह सब सरकार की मिलीभगत से हुआ है।’ खबर है कि दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह सफाई दे रहे थे कि वे इस मामले में शामिल नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसान नेता कोडिहल्ली के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्रकारों और नेताओं के बीच सवाल-जवाब का दौर चल ही रहा था कि कुछ लोगों ने उनपर काली फेंक दी।
गांधी भवन में कर रहे थे प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस पर सफाई देने के लिए राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह आज बेंगलुरु आए थे और गांधी भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि उनका किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर के आरोप बिल्कुल निराधार हैं उनका चंद्रशेखर से कोई लेना देना नहीं है, राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन के दौरान भी जब उन्हें चंद्रशेखर की संदेहास्पद पृष्ठभूमि के बारे में पता चला तो उन्होंने चंद्रशेखर को आंदोलन से अलग कर दिया था।
टिकैत ने लगाया सरकार पर आरोप
इसी दौरान वहां आए चंद्रशेखर के कतिथ समर्थकों के हंगामा शुरू कर दिया और इनमें से एक ने टिकैत पर काली स्याही फेंक दी। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि उनके साथ इस बदसुलूकी के लिए BJP सरकार जिम्मेदार है, सरकार की मिलीभगत से ही ऐसा किया जा रहा है।
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