ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, सरकारी दमन में अब तक कम से कम 6,159 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
मानवाधिकार संगठन का दावा
HRANA ने कहा है कि यह आंकड़ा ईरान में मौजूद उसके कार्यकर्ताओं के नेटवर्क के माध्यम से जुटाया गया है। संगठन का दावा है कि वह हर मौत के मामले की पुष्टि करता है और अतीत में उसके आंकड़े कई बार सही साबित हुए हैं। संस्था का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि कई इलाकों में जानकारी बाहर नहीं आ पा रही है।
सरकार के आंकड़े कुछ और
वहीं, ईरान सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए मृतकों की संख्या 3,117 बताई है। सरकारी बयान के मुताबिक, मरने वालों में 2,427 आम नागरिक और सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल हैं, जबकि बाकी लोगों को सरकार ने “आतंकवादी” करार दिया है।
पहले भी छिपाए गए हैं आंकड़े?
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान सरकार पहले भी विरोध प्रदर्शनों और अशांति के दौरान हताहतों की संख्या कम बताती रही है या कई मामलों में कोई आधिकारिक जानकारी ही जारी नहीं करती। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की मानवाधिकार स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की उम्मीद
इन नए आंकड़ों के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मानवाधिकार समूहों ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा है कि सच्चाई सामने लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी जरूरी है।
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