हकीकत चाहे जितनी देर से सामने आए, जब आती है तो कई दावों की परतें खोल देती है। यूक्रेन से आई ताज़ा खबर ने अमेरिका और नाटो की सैन्य ताकत को लेकर बने भ्रम को तोड़ दिया है। खबर है कि यूक्रेन की वायुसेना द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा अमेरिकी F-16 फाइटर जेट रूस के S-300 एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया।
रूस का दावा और S-300 की ताकत
रूसी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई रूस के शक्तिशाली S-300 एयर डिफेंस सिस्टम से की गई। रूसी सैन्य कमांडर कॉल साइन “सेवर” ने बताया कि पहले मिसाइल से विमान को क्षतिग्रस्त किया गया और दूसरी मिसाइल से उसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया। यह वही F-16 है जिसे पश्चिमी देश वर्षों से “गेम चेंजर” बताते रहे हैं।
अमेरिका और ट्रंप को क्यों लगा झटका
अमेरिका अपने F-16 फाइटर जेट को दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में गिनता है और कई देशों को इसे बेच चुका है। ऐसे समय में इसका गिरना अमेरिका की हथियार विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। यह घटना तब सामने आई है जब अमेरिका पहले से ही ईरान, वेनेजुएला और अन्य भू-राजनीतिक तनावों में उलझा हुआ है।
भारत और पाकिस्तान से कनेक्शन
यह खबर भारत के लिए भी अहम है, क्योंकि पाकिस्तान के पास करीब 75 F-16 फाइटर जेट हैं। 27 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 से पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था। अब रूस द्वारा F-16 गिराया जाना उसी कहानी को दोहराता है।
यूक्रेन के लिए कितना बड़ा नुकसान
यूक्रेन को अगस्त 2024 से अमेरिका और यूरोपीय देशों से सीमित संख्या में F-16 मिले थे। ऐसे में एक भी विमान का नुकसान उसकी वायु रक्षा क्षमता को कमजोर करता है। साथ ही यह अमेरिका की वैश्विक हथियार बिक्री रणनीति के लिए भी बड़ा झटका है।
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