खबर संसार, नई दिल्ली : जानिए कब है mahashivratri, शुभ मुहूर्त व पूजा का विधि-विधान, महाशिवरात्रि अर्थात भगवान भोले नाथ व माता पार्वती के मिलन का उत्सव। इस दिन भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सभी दुख दूर होने के साथ सारी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 01 मार्च 2022 दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। भोलेनाथ को समर्पित mahashivratri के दिन पंचग्रही योग बनने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। जानिए भगवान शंकर की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।
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mahashivratri शुभ मुहूर्त 2022
हिन्दू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस वर्ष mahashivratri का शुभ मुहूर्त 01 मार्च को सुबह शुभ मुहूर्त दिन मंगलवार को 3.16 बजे से शुरू होगा। सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा। चतुर्दशी तिथि बुधवार, 2 मार्च को सुबह 10 बजे समाप्त होगी। इस दिन रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।
महाशिवरात्रि पर क्या है पूजा विधि
- शिवरात्रि के दिन सुबह नहा-धोकर स्वच्छ मन से किसी मिट्टी या तांबे के लोटे में पानी या दूध भरकर ऊपर से बेलपत्र, आकौड़े-धतूरे के फूल, चावल आदि शिवलिंग पर चढ़ाने के साथ ऊँ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए।
- शिवरात्रि के दनि शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ऊँ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।
- महाशिवरात्रि का पूजा निशील काल में करना उत्तम माना गया है। हालांकि भक्त अपनी सुविधानुसार भी भगवान शिव का पूजन कर सकते हैं।


