आज के समय में बच्चों की शिक्षा का खर्च हर साल बढ़ता जा रहा है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट या विदेश में पढ़ाई की फीस इतनी तेजी से बढ़ रही है कि सिर्फ सेविंग से काम चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सही निवेश ही असली राहत देता है। अगर बच्चा छोटा है, तो कम राशि से शुरुआत कर भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। बस यह तय करना ज़रूरी है कि पैसा कहां लगाया जाए—सेफ प्लान, हाई रिटर्न ऑप्शन या बेटियों के लिए स्पेशल स्कीम।
PPF: स्टेबल और सुरक्षित रिटर्न वाला विकल्प
पीपीएफ लंबे समय से सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जाता है। यह उन माता-पिता के लिए बेहतर है जो जोखिम से बचना चाहते हैं। इसमें 15 साल का लॉक-इन होता है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई जैसे लॉन्ग-टर्म गोल्स के लिए यह आदर्श विकल्प है।
वर्तमान में PPF पर 7.1% ब्याज मिलता है। सालाना न्यूनतम 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। मैच्योरिटी के बाद खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाने का विकल्प भी मिलता है। टैक्स बेनिफिट इसे और आकर्षक बनाता है।
म्यूचुअल फंड SIP: स्मार्ट ग्रोथ वाला प्लान
अगर लक्ष्य बड़ा फंड बनाना है, तो SIP आधारित म्यूचुअल फंड शानदार विकल्प साबित हो सकता है। रिटर्न मार्केट पर निर्भर होने के कारण उतार-चढ़ाव रहता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपाउंडिंग जोखिम को काफी हद तक संतुलित कर देती है। 10–15 साल की SIP बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त फंड तैयार कर सकती है। छोटे निवेश से शुरुआत करने और हर साल राशि बढ़ाने की सुविधा इसे और बेहतर बनाती है। जो लोग मार्केट मूवमेंट झेल सकते हैं, उनके लिए यह टॉप चॉइस है।
सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के लिए सबसे मजबूत विकल्प
बेटियों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना बेहद फायदेमंद है। यह सुरक्षित है और 8.2% की उच्च ब्याज दर देती है। 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खोला जाता है।
निवेश अवधि 15 साल की होती है और खाता 21 साल में मैच्योर होता है। सालाना 250 से 1.5 लाख रुपये तक राशि जमा की जा सकती है। यह योजना बेटियों की उच्च शिक्षा और विवाह दोनों के लिए शानदार फंड तैयार करती है, साथ ही टैक्स बेनिफिट भी मिलता है।
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