दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में यूपीएससी अभ्यर्थी रामकेश मीणा की हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में फोरेंसिक साइंस की छात्रा अमृता चौहान (21), उसका पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप (27) और उसका दोस्त संदीप कुमार (29) शामिल हैं। तीनों उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के निवासी हैं। अमृता का परिवार पहले ही उससे नाता तोड़ चुका था। 8 जुलाई 2024 को माता-पिता ने अखबार में विज्ञापन देकर औपचारिक रूप से संबंध खत्म कर दिए थे। यह दस्तावेज अब अदालत में सबूत के रूप में पेश किया गया है।
रिश्ते में दरार से शुरू हुई साजिश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अमृता मई 2024 से मीणा के साथ लिव-इन में रह रही थी। जब उसे पता चला कि मीणा ने उसकी निजी तस्वीरें रिकॉर्ड की हैं और हटाने से इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। अपमानित महसूस करते हुए, अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित से संपर्क किया, जिसने उसे “सबक सिखाने” की योजना बनाने में मदद की और संदीप को भी शामिल कर लिया।
हत्या के बाद विस्फोट से सबूत मिटाने की कोशिश
तीनों आरोपी 5-6 अक्टूबर की रात मुरादाबाद से दिल्ली पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में दो नकाबपोश पुरुष और एक महिला बिल्डिंग में दाखिल होते दिखे। रात लगभग 2:57 बजे, महिला और एक पुरुष को बाहर निकलते देखा गया। कुछ मिनट बाद, फ्लैट में ज़ोरदार विस्फोट हुआ।
जांच में सामने आया कि मीणा की गला दबाकर हत्या की गई थी, फिर शरीर पर घी, तेल और शराब डालकर आग लगाई गई। पुलिस के अनुसार, गैस सिलेंडर का वाल्व खोलकर विस्फोट इस तरह रचा गया कि यह हादसा लगे।
डिजिटल सबूतों ने खोली पोल
शुरुआत में यह हादसा एसी विस्फोट लग रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ने अमृता की मौजूदगी उजागर कर दी। 18 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार किया गया, जबकि 21 और 23 अक्टूबर को सुमित और संदीप पकड़े गए। पुलिस ने हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग, मोबाइल फोन और कपड़े बरामद किए। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अमृता अपराध पर आधारित वेब सीरीज़ से प्रेरित थी और अपनी फोरेंसिक पढ़ाई से खुद को “अचूक अपराधी” मान बैठी थी, लेकिन डिजिटल सबूतों और उसके कबूलनामे ने सारा सच सामने ला दिया।
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