पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT सेल प्रमुख से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में TMC ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोलकाता की सड़कों पर उतरीं और सैकड़ों TMC कार्यकर्ताओं के साथ मार्च किया। ममता ने ED पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए दो FIR भी दर्ज कराई हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई टली
ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ममता बनर्जी पर छापेमारी में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। हालांकि, कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामे के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी। इससे पहले शुक्रवार सुबह TMC के 8 सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद नारेबाजी करते दिखे। इस दौरान धक्का-मुक्की में कुछ सांसद गिर भी पड़े। पुलिस ने सभी सांसदों को हिरासत में लिया और दो घंटे बाद रिहा कर दिया।
ममता का केंद्र पर हमला
घटना के बाद ममता बनर्जी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि गृह मंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। सांसदों के साथ की गई पुलिस कार्रवाई को उन्होंने अहंकार का प्रदर्शन बताया। तो वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी सिर्फ ED रेड पर ही आवाज उठाती है, लेकिन देश के अन्य राज्यों में बंगाल के प्रवासी मजदूरों पर हमलों पर कभी विरोध नहीं करती।
ED के खिलाफ दो FIR
ममता बनर्जी ने I-PAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई छापेमारी को लेकर ED के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद कोलकाता और बिधाननगर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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