शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी (partha chatterjee) को ममता बनर्जी ने मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्थ चटर्जी के खिलाफ ममता बनर्जी का यह एक्शन कैबिनेट की बैठक के ठीक बाद किया कर लिया गया है।
आपको बता दें कि partha chatterjee की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी की छापेमारी में अब तक 55 करोड़ से ज्यादा रकम मिल चुके हैं। इसके अलावा 5 किलो तक का सोना भी बरामद किया गया है। भाजपा पार्थ चटर्जी को लेकर जबरदस्त तरीके से ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रमक थी। यही कारण रहा कि ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने partha chatterjee को धनशोधन मामले में गत शनिवार को गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के आरोपों की जांच कर रहा है। इससे पहले ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को लेकर कहा था कि जब आप एक बड़ा संस्थान चलाते हैं, तो गलतियां हो सकती हैं।
यदि किसी ने कोई गलती की है और वह कानूनी रूप से साबित हो गया है, तो उसे दंडित किया जाना चाहिए लेकिन मैं किसी भी दुर्भावनापूर्ण मीडिया अभियान के खिलाफ हूं। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने आज दावा किया था कि आप पार्थ चटर्जी के दस्तावेज देखें, चाहे आप अर्पिता की आवाजें सुनें, चाहे इनके मंत्रियों के यहां जो छापे पड़े उनकी कहानी देखें, तो एक ही बात समझ में आती है कि करीब 50 करोड़ रुपये अर्पिता के यहां से बरामद हुए और 9 किलो के आसपास सोना मिला है, अनगिनत संपत्ति के दस्तावेज मिलें हैं।
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