भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद के बाद अब दोनों देशों के संबंधों को सामान्य करने की दिशा में तेज़ी दिखाई दे रही है। इसी बीच अमेरिकी प्रशासन ने भारत की चार कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटाकर बड़ा संकेत दिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने SDN लिस्ट से हटाईं कंपनियां
अमेरिकी वित्त विभाग ने जिन भारतीय कंपनियों को प्रतिबंध सूची से बाहर किया है, उनमें हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड तथा दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
इन कंपनियों को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) लिस्ट से हटाया गया है। इस सूची में शामिल कंपनियों और व्यक्तियों की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाती हैं और उनके साथ व्यापारिक लेनदेन पर भी सख्त प्रतिबंध लागू होते हैं।
करीब दो साल पहले लगाया गया था प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने साल 2024 में कार्यकारी आदेश के तहत 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे। इनमें 19 कंपनियां और दो व्यक्ति शामिल थे। अमेरिका का आरोप था कि ये संस्थाएं रूस सरकार से जुड़े नेटवर्क को सहायता पहुंचा रही थीं। यह कार्रवाई रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मॉस्को पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने के व्यापक अभियान का हिस्सा मानी गई थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी थी सख्ती
वर्ष 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। इसी क्रम में उन कंपनियों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई की गई, जिन पर रूस से जुड़े कारोबारी सहयोग का संदेह था।
प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत की थी। विदेश मंत्रालय ने उस समय कहा था कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने वाला जिम्मेदार देश है और वह वैश्विक प्रतिबद्धताओं का सम्मान करता है।
दो कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध
प्रतिबंध सूची से हटाई गई कंपनियों में गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियां हैं। लोकेश मशीन्स के ग्राहकों में कई बड़ी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।
इनमें अमेरिका की जॉन डीरे और कमिंस, स्वीडन की वोल्वो तथा जापान की होंडा और सुजुकी जैसी कंपनियां प्रमुख हैं। वहीं आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज भारत के एविएशन सेक्टर से जुड़ी हुई कंपनी मानी जाती है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटाने का फैसला भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश और रणनीतिक सहयोग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
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