जी, हां बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में चल रही जांच के बीच एक नया मोड़ आया है। जंतर मंतर पर धरने में शामिल एक महिला पहलवान पुलिस की सुरक्षा में आरोपी बृजभूषण सिंह के घर पहुंची। पहलवानों की इस कुश्ती की जंग में महिला पहलवान का इस तरह बृजभूषण सिंह के घर पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि महिला पहलवान का इस तरह से बृजभूषण सिंह के घर पहुंचना क्या समझौते की कोई कोशिश है। साथ ही एक सवाल ये भी है कि नाबालिग महिला पहलवान का बयान बदलने से इसका कोई कनेक्शन तो नहीं।
उधर इंटरनेशनल रेफरी जगबीर का एक बयान सामने आया है जिसमें वह बृजभूषण के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “WFI चीफ और उसके साथियों नशे में बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया। हम सब 2013 में थाईलैंड गए हुए थे, तब पहली बार प्रसिडेंट को देखा इस तरह महिला के पीछे खड़ा हुआ देखा।”
हाल ही में 17 साल की नाबालिग पहलवान ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शौषण के आरोपों को वापस ले लिया है। नाबालिग पहलवान के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है।
पहलवानों की खेल मंत्री से मीटिंग
हाल ही में पहलवान बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान पहलवानों ने केंद्रीय मंत्री के सामने चार मांगें रखीं, जिनमें एक महिला WFI चीफ की नियुक्ति और उनके खिलाफ पुलिस FIR रद्द करना शामिल है।
सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा, “उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और एक महिला प्रमुख की नियुक्ति की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि बृजभूषण सिंह या उनके परिवार के सदस्य महासंघ का हिस्सा नहीं हो सकते। साथ ही उन्होंने बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की अपनी मांग को भी दोहराया।” प्रदर्शनकारी पहलवानों को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सरकार ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था।
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