रणवीर सिंह का न्यूड फोटोशूट मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल इस मामले में रणवीर सिंह ने कहा है की फोटोशूट के दौरान इनरवियर पहन रखा था। मैं न्यूड नही था। मेरे फोटो के साथ छोड़छाड़ की गई है।
रणवीर ने आगे कहा किसी ने फोटो मॉर्फ की है। मैंने जो 7 फोटोज इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं, वो अश्लील नहीं थीं जिस फोटो को देखकर केस किया गया है उसमें प्राइवेट पार्ट्स दिख रहे हैं, वो सब गलत है।
फोटोज को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा
रणवीर के बयान के बाद पुलिस ने तस्वीरों को फोरेंसिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में भेजा गया है, जिससे ये पता चल सके कि वाकई फोटो मॉर्फ्ड थीं या न्यूड फोटोशूट ही किया गया था। फोरेंसिक जांच में अगर ये पता चलता है कि फोटोज से छेड़छाड़ की गई है, तो रणवीर को इस केस से क्लीन चिट मिल सकती है।
न्यूड फोटोशूट केस जांच में शामिल पुलिस ऑफिसर ने कहा, ‘रणवीर ने हमें फोटोशूट के दौरान ली गई सभी तस्वीरें दे दी हैं। पुलिस टीम ने उनके इंस्टाग्राम पोस्ट की भी जांच की, जिसमें शिकायत करने वाली महिला की ओर से दी गई तस्वीर नहीं है।’
क्या है पूरा मामला?
रणवीर ने इसी साल 22 जुलाई को पेपर मैगजीन के लिए न्यूड फोटोशूट कराया था। इन तस्वीरें को उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसके बाद रणवीर के खिलाफ मुंबई के एक NGO ने चेंबूर पुलिस स्टेशन में FIR कराई थी। रणवीर के खिलाफ IPC की धारा 509, 292, 293 IT एक्ट के सेक्शन 67A के तहत केस दर्ज किया गया था। IPC की धारा 292 के तहत 5 साल और धारा 293 के तहत 3 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं, IT एक्ट 67A के तहत भी रणवीर को 5 साल की सजा हो सकती है।
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