हल्दवानी, खबर संसार। Sri Lanka अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह है कोरोना वायरस महामारी। श्रीलंका में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। हालात ये हैं कि चावल 500 रुपये किलो तक बिक रहा है। 400 ग्राम दूध का पाउडर 790 रुपये में बिक रहा है। एक किलो चीनी 290 रुपये की हो गई है।
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दो बड़ी वजहें, जिनके चलते हालात हुए खराब
Sri Lanka में जो हालात पैदा हुए हैं, उनकी दो बड़ी वजहें हैं। पहली है टूरिज्म से आने वाला रेवेन्यू तेजी से गिरा है, जबकि तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं की वजह से श्रीलंका की अर्थव्यवस्था धराशाई होने के कगार पर पहुंच गई है। तेल, खाना, दवा जैसी तमाम चीजों की जरूरत श्रीलंका आयात के जरिए ही पूरी करता है। कोरोना के चलते टूरिज्म इंडस्ट्री पर तगड़ी मार पड़ी है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार घटा है।
रुपये की हालत हुई पतली
अगर Sri Lanka की करंसी रुपये की तुलना डॉलर से करें तो महज एक महीने में 1 मार्च से लेकर अब तक यह करीब 45 फीसदी तक गिर चुकी है। पहले श्रीलंका की करंसी रुपया एक डॉलर की तुलना में करीब 202.75 रुपये के स्तर पर था। अब डॉलर की तुलना में श्रीलंका के रुपये की कीमत 292.5 रुपये हो चुकी है। तो वहीं, करीब महीने भर से भी अधिक समय से रूस और यूक्रेन के बीच युद्द चल रहा है। इस युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। पहले ही पेट्रोलियम के मामले में संकट से जूझ रहे श्रीलंका के लिए यह बहुत ही बुरी खबर साबित हुई है।
कर्ज में डूब चुका है श्रीलंका
श्रीलंका की हालत इतनी खराब है कि वह गले तक कर्ज में डूबा हुआ है। हाल ही में भारत ने श्रीलंका को 50 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था। वहीं जल्द ही वह चीन से एक 2.5 अरब डॉलर का कर्ज लेने की तैयारी में है। इससे पहले भी सिर्फ चीन का ही श्रीलंका पर लगभग 5 अरब डॉलर का कर्ज है। विश्व बैंक के अनुमानों के मुताबिक महामारी के शुरू होने के बाद से देश में 500,000 लोग गरीबी के मकड़जाल में फंस गए हैं।
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