लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद चुनाव आयोग को कठोर शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “मैं चुनाव आयोग को संदेश देना चाहता हूं—अगर आपको लगता है कि आप बच निकलेंगे, तो आप गलत हैं। हम आपके पीछे पड़ जाएंगे।”
राहुल गांधी ने यह आरोप कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में “धोखाधड़ी” को लेकर लगाए। उनका कहना है कि आयोग के पास वोटरों के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पक्षपात करने के 100 प्रतिशत सबूत हैं, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अब तक कोई दस्तावेज़ नहीं दिखाए हैं।
वोटर सूची में धांधली के आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में 50 से 65 वर्ष की उम्र के लोगों को नए वोटर के रूप में जोड़ा गया है, जबकि 18 वर्ष से ऊपर के वैध मतदाताओं को सूची से हटाया गया है। उन्होंने कहा, “हमने सिर्फ एक सीट देखी और वहां गंभीर गड़बड़ी मिली। मुझे पूरा यकीन है कि यह समस्या कई सीटों पर दोहराई जा रही है।”
विपक्षी दलों ने भी जताई चिंता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने कहा कि बिहार में चल रहे एसआईआर अभियान ने गरीबों, दलितों, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल वापस ले और 2024 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए।
डी. राजा ने आगे कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए और किसी भी पक्ष की तरफ झुकाव नहीं दिखाना चाहिए। उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल कर चुकी है।
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