खबर संसार, नई दिल्ली: 9/11 हमले की बरसी पर होगा तालिबान सरकार का गठन, अमेरिका को सख्त संदेश, अफगानिस्तान में नई सरकार बनाने को लेकर तालिबान ने कोशिशें तेज कर दी हैं, और लगातार बैठकें हो रही हैं। ऐसे में तालिबानियों ने अमेरिका को साफ संदेश देते हुए। 11 सितंबर को सरकार गठन का एलान किया है।
तालिबानियों का मानना है कि साल 11 सितंबर 2001 में अमेरिका के वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला किया गया था। अब उसकी 20 बरसी पर ही तालिबान अपनी सरकार का गठन करेंगे। तालिबान इस दिन सरकार गठन करके 9/11 America को भी सख्त संदेश देना चाहते हैं।
9/11 पहले मुल्ला हसन के पास था मंत्री पद
माना जा रहा है कि मुल्लाह हसन अखुंद हाथों नई सरकार की कमान आ सकती है, क्योकि ने 9/11 से पहले 2001 में America सेना के आने से पहले तालिबानी शासन में मंत्री पद संभाल रखा था। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के चीफ के काबुल दौरे पर मुल्लाह हसन अखुंद के नाम पर सहमति भी बन गई है। हैं। तालिबानी मुल्लाह हसन अखुंद जन्मस्थली भी कंधार है। इतना ही नहीं मुल्लाह हसन तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा का करीबी भी माना जाता है।
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हसन अखुंद के हाथों में है रहबरी शूरा की कमान
मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के पास फिलहाल तालिबान के शक्तिशाली संगठन रहबरी शूरा की कमान है, जो अहम फैसले लेती है।एक अन्य तालिबानी नेता ने कहा, ‘उन्होंने 20 सालों तक रहबरी शूरा के प्रमुख के रूप में काम किया और अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित की। कंधार में जन्मे तालिबान नेता ने अफगानिस्तान में तालिबान के पिछले शासन के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
तालिबानी नेताओं को मिलेंगे ये पद
हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी बनेंगे गृह मंत्री, जबकि तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर के बेटे मुल्ला याकूब देश के रक्षा मंत्री बनेंगे। तालिबान नेतृत्व जबीहुल्लाह मुजाहिद को नव-घोषित अमीरात के सूचना मंत्री के रूप में नियुक्त करने के लिए इच्छुक दिखाई दे रहे है। मुल्ला अमीर खान मुत्ताकी को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है।
