पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीटीआई नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि वे पहले से ही संघर्ष कर रहे देश को बर्बादी की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम शरीफ ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि मुद्रा कठिन समय से गुजर रही है और हमें विरासत में मिली चुनौतियाँ स्थिति को बिगड़ने में बहुत योगदान दे रही हैं।
पिछली सरकार ने आईएमएफ के साथ एक समझौते का उल्लंघन किया था और हम इसे दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट इमरान खान की दीवार बनकर खड़ा है। एक मुलजिम अदालत के कटघरे में आए और जज उसे देखकर कहे कि आपसे मिलकर अच्छा लगा। ये सुनकर हैरानी होती है।
9 मई का दिन पाकिस्तान का सबसे बुरा दिन
9 मई का दिन पाकिस्तान की तारीख में 16 दिसंबर 1971 के बाद सबसे बुरा दिन था। उस दिन भी हर आंख नम थी और करोड़ो लोगों को घर में खाना नहीं पका था। जब जुल्फिकार अली भुट्टो साहब का ज्युडिशियल मर्डर हुआ तो लोगों ने विरोध किया और अपनी जानों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन किसी फौजी इमारत पर हमला नहीं किया। जब बेनजरी भुट्टो की हत्या की गई तो फौरन सवाल उठे।
खून के धब्बे को धो दिया गया। लेकिन किसी फौजी इमारत को किसी ने देखा तो नहीं और नही निशाना बनाया। नवाज शरीफ को झूठे मुकदमे में सजा सुनाई गई। 100 दिन वो लगातार अपनी हाजिरी देते थे। मकसद ये था कि इलेक्शन से पहले नवाज शरीफ को किसी भी तरह से चुनाव से बाहर कर दें। नवाज शरीफ अपनी बेटी के साथ लगातार अदालत में आते रहे।
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