अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से बेहद कम दूरी पर हुई गोलीबारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में दो नेशनल गार्ड्समैन सहित कुल तीन लोग घायल हुए। घटनास्थल अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के पास होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया। कुछ ही मिनटों में भारी हथियारों से लैस अधिकारी और इमरजेंसी टीम्स मौके पर पहुँच गईं। कई ब्लॉक सील कर दिए गए और आसपास की सभी सड़कें बंद कर दी गईं।
घटना के तुरंत बाद वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरी ने दो नेशनल गार्ड जवानों की मौत का दावा किया, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। आधिकारिक तौर पर केवल गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की गई है।
ट्रंप ने हमले की कड़ी निंदा की
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल गार्ड और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सलाम करते हुए कहा कि ऐसे हमलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि होमलैंड सिक्योरिटी की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक संदिग्ध अफगानिस्तान से आया विदेशी नागरिक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में आए ऐसे प्रवासियों की दोबारा जाँच होनी चाहिए। ट्रंप ने कहा, “अमेरिका आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा।”
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव ने लोगों से घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करने की अपील की और बताया कि एजेंसी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घटना के हर पहलू की जाँच कर रही है।
500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड तैनात
गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने तुरंत 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड्स को वाशिंगटन भेजने का आदेश जारी किया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, शहर में पहले से ही 2,200 सैनिक तैनात थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर तत्काल सुरक्षा सख्त की गई।
घटना व्हाइट हाउस से दो ब्लॉक उत्तर-पश्चिम स्थित एक मेट्रो स्टेशन के पास हुई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद सैनिक तुरंत मौके पर पहुँचे और संदिग्ध को काबू कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि हमलावर अकेला था और उसने घात लगाकर नेशनल गार्ड्स पर हमला किया।
सैन्य अधिकारियों ने रद्द की छुट्टियाँ
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि यह हमला याद दिलाता है कि नेशनल गार्ड और सेना ही अमेरिका की पहली रक्षा पंक्ति हैं। नेशनल गार्ड ब्यूरो प्रमुख जनरल स्टीवन नॉर्डहाउस ने अपनी छुट्टी रद्द कर तुरंत वाशिंगटन पहुँचने का फैसला लिया। सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
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