बरेली: पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में तैनात मुख्य चल टिकट निरीक्षक (सीटीआई) श्री सुशील कुमार सिंह ने अपनी ईमानदारी और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने रेलवे प्रशासन की छवि को और भी मजबूत किया। बरेली स्टेशन से चलने वाली 15091 एक्सप्रेस (दिल्ली से टनकपुर) में यात्रा के दौरान उन्होंने एक यात्री का कीमती पर्स सुरक्षित लौटाकर इंसानियत की मिसाल कायम की।
कोच में मिला छूटा पर्स, यात्रियों से ली जानकारी
जानकारी के अनुसार, जब ट्रेन दिल्ली से टनकपुर के लिए रवाना हुई, तो श्री सुशील कुमार सिंह ने नियमित रूप से कोचों का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान कोच संख्या A1, सीट नंबर 05 पर उन्हें एक लैदर का पर्स मिला। पूछताछ पर आस-पास बैठे यात्रियों ने पर्स के बारे में अनभिज्ञता जताई।
श्री सिंह ने यात्रियों की मौजूदगी में पर्स को खोला तो उसमें ज्वैलरी, नगदी और एक मोबाइल नंबर मिला। उन्होंने तुरंत उस नंबर पर संपर्क किया।
यात्री ने जताया आभार, रेलवे की बढ़ी साख
फोन पर संपर्क करने पर नायाब हुसैन ने बताया कि वह अपनी पत्नी अफरोज और बेटे निजाम के साथ दिल्ली से बरेली तक यात्रा कर रहे थे। कोच बदलते समय उनकी 60 वर्षीय पत्नी गलती से पर्स सीट पर भूल गई थीं।
मुख्य चल टिकट निरीक्षक श्री सिंह ने यात्रियों को आश्वस्त किया और ट्रेन के गाजियाबाद-मुरादाबाद सेक्शन के बीच ही उन्हें पर्स सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया। पर्स में मौजूद ज्वैलरी और नगदी पूरी तरह सुरक्षित थी। परिजनों ने उनकी ईमानदारी की खुलकर प्रशंसा की और रेलवे प्रशासन को धन्यवाद दिया।
मानवीयता की नई मिसाल
रेलवे प्रशासन ने भी सीटीआई श्री सुशील कुमार सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना रेलवे के “यात्री सेवा ही सर्वोपरि” के संकल्प का सजीव उदाहरण है। ऐसी घटनाएँ न केवल यात्रियों का विश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि रेलवे की मानवता और ईमानदारी की छवि को और ऊँचा करती हैं।
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