अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक महीने से जारी तनाव अब खत्म होने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते का ड्राफ्ट सामने आया है, जिसमें दो चरणों में युद्धविराम लागू करने की योजना शामिल है। माना जा रहा है कि इस पहल से होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर भी स्थिति साफ हो सकती है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ईरान जल्द ही समझौते के लिए तैयार हो सकता है।
दो चरणों में लागू होगा सीजफायर प्लान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में दो फेज शामिल हैं। पहले चरण में तत्काल सीजफायर लागू किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में एक व्यापक और स्थायी समझौते पर काम होगा। यह पूरा मसौदा अगले 15 से 20 दिनों में अंतिम रूप ले सकता है। हालांकि इस ड्राफ्ट में ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। जानकारी अमेरिकी मीडिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के हवाले से दी गई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने इस पहल में अहम भूमिका निभाई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। यह बातचीत पूरी रात चली, जिससे संकेत मिलता है कि कूटनीतिक स्तर पर तेजी से प्रयास हो रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी अनिश्चितता
ईरान ने साफ किया है कि अगर केवल अस्थायी सीजफायर लागू होता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा। ऐसे में एशिया और यूरोप में तेल और एलपीजी सप्लाई पर असर जारी रह सकता है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश किसी भी दबाव या तय समयसीमा में फैसला नहीं करेगा।
45 दिन के युद्धविराम पर भी चर्चा
कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि दोनों देश 45 दिनों के अस्थायी सीजफायर पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अब जो ड्राफ्ट सामने आया है, उसमें व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की योजना दिखाई दे रही है।
ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ी हलचल
यह पूरा घटनाक्रम उस समय तेज हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने बातचीत में देरी पर नाराजगी जताते हुए समयसीमा भी तय की थी।
पहले यह डेडलाइन सोमवार तक थी, जिसे बढ़ाकर अब मंगलवार शाम 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) कर दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है। अगर यह दो-फेज सीजफायर प्लान सफल होता है, तो मिडिल ईस्ट में स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।
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