HomeNationalपेट्रोल-डीजल खरीद नियमों में बड़ा बदलाव, जानें सरकार के नए निर्देश

पेट्रोल-डीजल खरीद नियमों में बड़ा बदलाव, जानें सरकार के नए निर्देश

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार प्रभावित हो रहे हैं। बीते एक महीने के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

इसी बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खरीद प्रक्रिया को लेकर नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य ईंधन वितरण को अधिक पारदर्शी बनाना और जमाखोरी व कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना बताया जा रहा है।

क्या हैं पेट्रोल-डीजल खरीद से जुड़े नए नियम?

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब ईंधन खरीद और वितरण व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

  • औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को अब सामान्य पेट्रोल पंपों के बजाय उपभोक्ता (कंज्यूमर) पंपों से ही पेट्रोल और डीजल खरीदना होगा।
  • पेट्रोल पंप संचालक केवल वाहन की टंकी या पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित कंटेनर में ही डीजल उपलब्ध कराएंगे।
  • किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा।
  • पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल की आगे बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।
  • इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों की होगी।

ईंधन वितरण व्यवस्था पर पड़ेगा असर

नए नियम लागू होने के बाद डीजल और पेट्रोल की खरीद प्रक्रिया अधिक नियंत्रित हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की अनधिकृत बिक्री, जमाखोरी और सप्लाई में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही वास्तविक उपभोक्ताओं तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

अधिकारियों को दिए गए विशेष अधिकार

नियमों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के राजपत्रित अधिकारियों, डीएसपी या उससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर स्तर के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती की शक्तियां प्रदान की गई हैं।

इसके अलावा राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध डायवर्जन जैसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं, ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.